गर्मी में राहत नहीं, आफ़त बनी बारिश

दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत में रेड अलर्ट, जनजीवन अस्त-व्यस्त

गर्मी में राहत नहीं, आफ़त बनी बारिश

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गर्मी से राहत की उम्मीद लेकर आई बारिश ने शुक्रवार को दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर भारत के कई हिस्सों में कहर का रूप ले लिया। तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश ने न सिर्फ जनजीवन को अस्त-व्यस्त किया बल्कि वायुमार्ग से लेकर सड़कों तक अराजकता का माहौल बना दिया। भारतीय मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश और आंधी-तूफान के मद्देनज़र रेड अलर्ट जारी किया है।

दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मौसम के कहर का सीधा असर देखा गया, जहां कई उड़ानें या तो रद्द कर दी गईं या उन्हें अन्य शहरों की ओर डायवर्ट करना पड़ा। मौसम विभाग की भविष्यवाणी के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटे देश के उत्तरी, पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में तेज हवाओं, बिजली गिरने और भारी बारिश से भरे रहेंगे। विशेष रूप से उत्तर पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, दक्षिण-पश्चिम राजस्थान, ओडिशा, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश में गंभीर मौसम का अलर्ट जारी किया गया है।

दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे एनसीआर क्षेत्र बारिश और आंधी से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। तेज हवाओं से पेड़ और बिजली के खंभे गिरने, जलभराव के चलते जाम और कई इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा गई है और कई जगहों पर वाहन चालकों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा।

मौसम विशेषज्ञों ने इस बदलाव को सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का असर बताया है, जो फिलहाल उत्तर भारत के ऊपर मंडरा रहा है। यह विक्षोभ 48 घंटों तक मौसम को प्रभावित करता रहेगा। इसी के चलते उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर और फिरोजाबाद जैसे इलाकों में भी भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण दहशत और अव्यवस्था का माहौल देखने को मिला। कई जगह सुबह के समय भी रोशनी इतनी कम थी कि लोगों को दैनिक कार्यों में कठिनाई हुई।

आपदा प्रबंधन विभाग और स्थानीय प्रशासन ने अलर्ट जारी कर नागरिकों से अपील की है कि वे घर के भीतर सुरक्षित रहें, कमजोर संरचनाओं से दूर रहें, और मौसम विभाग के ताज़ा अपडेट्स पर नजर बनाए रखें। बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए खुले इलाकों में शरण लेने से बचने की सलाह दी गई है।

यह अप्रत्याशित मौसम बताता है कि जलवायु परिवर्तन का असर अब केवल तापमान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उसका सीधा असर हमारे जीवन की संरचना और सुरक्षा पर भी पड़ने लगा है। गर्मी में राहत के रूप में आई यह बारिश अब चेतावनी बन चुकी है कि प्राकृतिक घटनाएं कब संकट में बदल जाएं, कहा नहीं जा सकता।

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