ऑपरेशन सिंदूर : 7 महिलाओं की टीम जो 72 घंटे तक पाकिस्तानी आर्मी से भीड़ गई !

जनरल उपेन्द्र द्विवेदी द्वारा प्रशस्ति डिस्क से किया सम्मानित

ऑपरेशन सिंदूर : 7 महिलाओं की टीम जो 72 घंटे तक पाकिस्तानी आर्मी से भीड़ गई !

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सीमा सुरक्षा बल (BSF) की सहायक कमांडेंट नेहा भंडारी को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान असाधारण साहस और वीरता के लिए थल सेनाध्यक्ष (COAS) जनरल उपेन्द्र द्विवेदी द्वारा प्रशस्ति डिस्क से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें उस साहसी अभियान के लिए दिया गया, जिसमें उन्होंने छह अन्य महिला अधिकारियों के साथ मिलकर 72 घंटे तक पाकिस्तानी सेना को अखनूर सेक्टर की अग्रिम चौकियों पर रोक कर रखा।

ऑपरेशन सिंदूर के तहत, जब पाकिस्तान की ओर से भारी गोलाबारी की जा रही थी, तब नेहा भंडारी की सात सदस्यीय महिला टीम ने पीछे हटने का विकल्प ठुकराते हुए दोनों अग्रिम चौकियों पर मोर्चा संभाले रखा। उन्होंने लगातार तीन दिन और तीन रात तक न सिर्फ मोर्चा संभाला, बल्कि दुश्मन की गोलीबारी का जवाब भी इस तरह दिया कि पाकिस्तानी सैनिकों को पीछे हटने और भागने पर मजबूर होना पड़ा।

नेहा भंडारी ने जिस अदम्य साहस और परिचालन कुशलता का प्रदर्शन किया, वह न केवल बीएसएफ के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हुआ है, बल्कि यह देश की बेटियों की शक्ति और शौर्य का प्रतीक बन गया है। ऑपरेशन के दौरान उनकी नेतृत्व क्षमता और रणनीतिक सूझबूझ की सराहना हर स्तर पर की जा रही है।

सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने उन्हें सम्मानित करते हुए कहा कि “नेहा भंडारी और उनकी टीम ने जिस हिम्मत और समर्पण के साथ देश की सीमा की रक्षा की, वह पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है। उनके साहस ने यह साबित कर दिया है कि हमारी महिला अधिकारी किसी भी चुनौती से पीछे नहीं हटतीं।”

यह अभियान भारत-पाकिस्तान सीमा पर महिलाओं द्वारा नेतृत्व किया गया एक दुर्लभ और ऐतिहासिक ऑपरेशन माना जा रहा है। यह उन महिला अधिकारियों के साहस का प्रमाण है जो सीमाओं पर अदृश्य दीवार बनकर देश को सुरक्षित रखने में जुटी हैं।

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