आयुष्मान भारत स्वास्थ्य योजना का लाभ अधिक से अधिक नागरिकों तक पहुंचाने और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में भारत ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। 100 करोड़ से अधिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड अबआयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता (ABHA) खातों से जोड़ दिए गए हैं।
राज्यों में बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और गुजरात ने आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के तहत स्वास्थ्य रिकॉर्ड लिंक करने में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। यह उपलब्धि देश में एकीकृत, नागरिक-केंद्रित और आपस में जुड़े डिजिटल स्वास्थ्य तंत्र के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
ABDM की सबसे खास बात यह है कि पिछले कुछ महीनों में इसके तहत पंजीकरण में तेज़ वृद्धि दर्ज की गई है। अनुमान के अनुसार, पिछले डेढ़ वर्ष में यह संख्या दोगुनी हो गई है।
स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, “फरवरी 2025 में लिंक किए गए स्वास्थ्य रिकॉर्ड की संख्या 50 करोड़ थी, जो केवल 15 महीनों में बढ़कर 100 करोड़ से अधिक हो गई है। वर्तमान में हर दो से तीन महीने में लगभग 10 करोड़ नए स्वास्थ्य रिकॉर्ड ABHA से जोड़े जा रहे हैं। 1,000 से भी कम रिकॉर्ड से शुरू हुआ यह सफर आज 100 करोड़ से अधिक रिकॉर्ड तक पहुंच चुका है, जिससे ABDM दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल स्वास्थ्य इकोसिस्टम में से एक बन गया है।”
इस परियोजना को स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत National Health Authority> (NHA) लागू कर रहा है।
यह प्रगति सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं, राज्य स्तरीय स्वास्थ्य प्लेटफॉर्म, सार्वजनिक डिजिटल प्रणालियों और निजी स्वास्थ्य तकनीकी भागीदारों द्वारा ABDM को तेजी से अपनाए जाने का संकेत देती है। वर्तमान में 450 से अधिक सार्वजनिक और निजी स्वास्थ्य तकनीकी समाधान ABDM प्रणाली के साथ सफलतापूर्वक एकीकृत किए जा चुके हैं।
ABHA एक विशिष्ट डिजिटल स्वास्थ्य पहचान (Digital Health ID) के रूप में काम करता है। इसके माध्यम से नागरिक अपने स्वास्थ्य रिकॉर्ड, जैसे अस्पताल, क्लिनिक, लैब और अन्य स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं से संबंधित जानकारी—को सुरक्षित रूप से जोड़ और एक्सेस कर सकते हैं।
इस उपलब्धि पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनील कुमार बरनवाल ने कहा, “100 करोड़ से अधिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड का ABHA से जुड़ना आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह सरकारी योजनाओं, राज्य सरकारों, स्वास्थ्य संस्थानों और निजी तकनीकी भागीदारों द्वारा डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के बढ़ते उपयोग का प्रतीक है।”
उन्होंने आगे कहा, “ABHA से जुड़े स्वास्थ्य रिकॉर्ड नागरिकों को उनकी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी तक सुरक्षित और सहमति-आधारित पहुंच प्रदान करते हैं, साथ ही पूरे स्वास्थ्य तंत्र में उपचार की निरंतरता बनाए रखने में मदद करते हैं।”
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