अंधेरी स्थित सेवेन हिल्स हॉस्पिटल के प्रस्तावित निजीकरण के विरोध में अब जन आंदोलन की तैयारी शुरू हो गई है। सामाजिक संस्था अंधेरी विकास प्रतिष्ठान ने अस्पताल को बचाने के लिए सर्वदलीय मोर्चा निकालने और गांधीवादी तरीके से आंदोलन चलाने का ऐलान किया है। संस्था का दावा है कि यदि अस्पताल का निजीकरण हुआ तो वर्सोवा से घाटकोपर तक करीब 20 लाख लोगों की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
संस्था के अध्यक्ष एवं पूर्व उपमहापौर राजेश शर्मा ने प्रेस वार्ता में कहा कि सेवेन हिल्स हॉस्पिटल मुंबई उपनगर के लाखों नागरिकों के लिए जीवन रेखा की तरह है। उन्होंने कहा कि केईएम अस्पताल के बाद सेवेन हिल्स ही ऐसा अस्पताल है, जिसमें बड़ी आबादी को व्यापक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की क्षमता है। ऐसे में अस्पताल का हस्तांतरण आम जनता के हितों के खिलाफ है।
राजेश शर्मा ने आरोप लगाया कि जनहित की अनदेखी कर अस्पताल को निजी हाथों में सौंपने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पताल को बचाने के लिए व्यापक जन जागरण अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत स्थानीय नागरिकों के हस्ताक्षर अभियान, विरोध प्रदर्शन, धरना और अन्य लोकतांत्रिक आंदोलन आयोजित किए जाएंगे।
कोरोना काल में निभाई थी अहम भूमिका
अंधेरी विकास प्रतिष्ठान के कार्याध्यक्ष दिलीपराव माने ने बताया कि कोरोना महामारी के दौरान सेवेन हिल्स हॉस्पिटल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और यहां लगभग 64 हजार मरीजों का उपचार किया गया था। उन्होंने कहा कि 16.5 एकड़ क्षेत्र में फैला यह अस्पताल एशिया के सबसे बड़े अस्पताल परिसरों में गिना जाता है।
माने के अनुसार अस्पताल में 1500 बेड और 36 आधुनिक ऑपरेशन थिएटर उपलब्ध हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इतनी विशाल स्वास्थ्य संपदा को मात्र 183 करोड़ रुपये में उद्योगपति मुकेश अंबानी से संबंधित कंपनी कैप्री ग्लोबल होल्डिंग प्राइवेट लिमिटेड को हस्तांतरित किया गया, जबकि बाजार मूल्य के आधार पर इसकी अनुमानित कीमत करीब 5 हजार करोड़ रुपये बताई जा रही है।
पीपीपी मॉडल के तहत हुआ था निर्माण
गौरतलब है कि अंधेरी पूर्व के मरोल क्षेत्र में जुलाई 2010 में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की भूमि पर पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत सेवेन हिल्स हॉस्पिटल का निर्माण किया गया था। 1500 बिस्तरों वाले इस विशाल अस्पताल को उस समय मुंबई के सबसे बड़े निजी अस्पतालों में से एक माना गया था। हालांकि, अपने उद्घाटन के बाद से यह विभिन्न प्रशासनिक और वित्तीय विवादों के कारण लगातार चर्चा में रहा।
प्रेस वार्ता के दौरान प्रमोद सावंत, दिनकर तावड़े, क्लाइव डायस, पृथ्वीराज म्हस्के, विश्वनाथ खैरनार और हर्षद मोदी सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता और नागरिक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
अंधेरी विकास प्रतिष्ठान का कहना है कि सेवेन हिल्स केवल एक अस्पताल नहीं, बल्कि लाखों लोगों के स्वास्थ्य और जीवन से जुड़ा महत्वपूर्ण संस्थान है। इसलिए इसके भविष्य से जुड़े किसी भी निर्णय में जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
