नौसेना के नए उप-प्रमुख बने वाइस एडमिरल अजय कोचर; INS विक्रमादित्य से लेकर पश्चिमी बेड़े तक संभाली बड़ी जिम्मेदारियां

नेशनल वॉर मेमोरियल पर शहीदों को दी श्रद्धांजलि

नौसेना के नए उप-प्रमुख बने वाइस एडमिरल अजय कोचर; INS विक्रमादित्य से लेकर पश्चिमी बेड़े तक संभाली बड़ी जिम्मेदारियां

Vice Admiral Ajay Kochhar becomes the new Deputy Chief of the Naval Staff; assumes significant responsibilities from INS Vikramaditya to the Western Fleet

भारतीय नौसेना में शुक्रवार (29 मई)को एडमिरल अजय कोचर ने देश के 48वें वाइस चीफ ऑफ नेवल स्टाफ (VCNS) के रूप में पदभार ग्रहण किया। नई जिम्मेदारी संभालने के बाद उन्होंने नई दिल्ली स्थित नेशनल वॉर मेमोरियल पहुंचकर देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। वाइस एडमिरल ने शहीद सैनिकों की स्मृति में पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस दौरान निवर्तमान वाइस चीफ ऑफ नेवल स्टाफ वाइस एडमिरल संजय वात्सायन ने भी नेशनल वॉर मेमोरियल पर श्रद्धांजलि दी।

वाइस एडमिरल अजय कोचर भारतीय नौसेना के वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारियों में गिने जाते हैं। पुणे स्थित प्रतिष्ठित नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) के पूर्व छात्र अजय कोचर को 1 जुलाई 1988 को भारतीय नौसेना में कमीशन मिला था। वह गनरी और मिसाइल सिस्टम्स के विशेषज्ञ माने जाते हैं और अपने 37 वर्षों से अधिक लंबे करियर में उन्होंने कई अहम कमांड, ऑपरेशनल और स्टाफ जिम्मेदारियां निभाई हैं।

अपने करियर के दौरान उन्होंने आईएनएस नाशक, विभूति और किर्पाण जैसे युद्धपोतों की कमान संभाली। इसके अलावा वह फ्रिगेट आईएनएस त्रिकंड के कमीशनिंग कमांडिंग ऑफिसर भी रहे। वाइस एडमिरल कोचर ने भारतीय नौसेना के प्रमुख एयरक्राफ्ट कैरियर INS विक्रमादित्य की भी कमान संभाली थी। उनके कार्यकाल के दौरान विक्रमादित्य के एयर विंग का सफल एकीकरण और संचालन पूरा किया गया था।

उन्होंने डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज, वेलिंगटन, नेवल वॉर कॉलेज गोवा और यूनाइटेड किंगडम के रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज से उच्च सैन्य शिक्षा प्राप्त की है। नौसेना मुख्यालय में उन्होंने जॉइंट डायरेक्टर नेवल प्लान्स, डायरेक्टर ऑफ स्टाफ रिक्वायरमेंट्स और प्रिंसिपल डायरेक्टर DSCT जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी कार्य किया।

साल 2018 में फ्लैग रैंक पर पदोन्नति के बाद उन्होंने एयरक्राफ्ट कैरियर प्रोजेक्ट्स और युद्धपोत निर्माण एवं अधिग्रहण से जुड़े अहम दायित्व निभाए। इसके बाद वर्ष 2021 में उन्होंने वेस्टर्न फ्लीट की कमान संभाली। बाद में वह नेशनल डिफेंस एकेडमी के कमांडेंट भी रहे, जहां उन्होंने प्रशिक्षण मानकों और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई।

25 मई 2024 को उन्होंने चीफ ऑफ स्टाफ, वेस्टर्न नेवल कमांड का पद संभाला था। उस समय पश्चिमी समुद्री क्षेत्र में सुरक्षा चुनौतियां काफी बढ़ी हुई थीं। उन्होंने पश्चिमी तट पर पारंपरिक और गैर-पारंपरिक खतरों से निपटने के लिए नौसेना की रणनीतिक तैयारियों का नेतृत्व किया। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान तेज गति से चलाए गए नौसैनिक अभियानों में भी उनकी अहम भूमिका रही।

उनकी उत्कृष्ट सेवाओं और नेतृत्व क्षमता के लिए उन्हें वर्ष 2022 में अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM) और वर्ष 2026 में परम विशिष्ट सेवा मेडल (PVSM) से सम्मानित किया जा चुका है। वाइस चीफ ऑफ नेवल स्टाफ का पद संभालने से पहले वह अंडमान और निकोबार कमांड के कमांडर-इन-चीफ के रूप में कार्यरत थे। वहां उन्होंने तीनों सेनाओं के बीच समन्वय और संयुक्त अभियान क्षमता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

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