AAP नेता ने चुनाव टिकट के लिए मांगे 18 लाख, उम्मीदवार को दिया फर्जी टिकट

इससे पहले आप नेताओं के मिले थे हवाला रैकेट से जुड़े तार

AAP नेता ने चुनाव टिकट के लिए मांगे 18 लाख, उम्मीदवार को दिया फर्जी टिकट

AAP leader demanded Rs 18 lakh for election ticket, gave fake ticket to candidate

गुजरात में 2026 के सूरत नगर निगम (SMC) चुनावों से पहले आम आदमी पार्टी (AAP) एक बड़े भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के मामलों में फंस गई है। पार्टी के स्थानीय नेताओं पर चुनाव टिकट के बदले लाखों रुपये की उगाही करने और पैसे लेने के बाद फर्जी टिकट थमाने का सनसनीखेज आरोप लगा है। इस मामले में सूरत के सरथाणा पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज की गई है, जिससे पार्टी की छवि को गहरा धक्का लगा है।

दरअसल आप (AAP) के जोन प्रभारी और पार्टी के पूर्व सूरत अध्यक्ष महेंद्र नावडिया के चचेरे भाई नवनीत नावडिया ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, नवनीत ने अपनी पत्नी लिप्सा नावडिया के लिए वार्ड नंबर 1-2 से टिकट मांगा था। इसके लिए उन्होंने दिल्ली स्थित आप के वार्ड प्रभारी ओम प्रकाश से संपर्क किया।

आरोप है कि ओम प्रकाश ने टिकट के बदले ₹18 लाख की मांग की। नवनीत नावडिया द्वारा उपलब्ध कराई गई आरोपके अनुसार, ओम प्रकाश ने स्पष्ट रूप से कहा, “इस बार यह वार्ड जीतने योग्य है, इसलिए टिकट पाने के लिए 18 लाख रुपये देने होंगे। पार्टी के टिकट मुफ्त नहीं मिलते, भुगतान करना आवश्यक है।”

सौदेबाजी के बाद मामला ₹8 लाख पर तय हुआ। नावडिया ने ओम प्रकाश के साथ अपनी बातचीत का एक वीडियो भी बनाया, जिसमें कथित तौर पर आप नेता को यह कहते सुना जा सकता है, “आप जानते हैं कि सिस्टम कैसे काम करता है, जब तक पैसा दिल्ली नहीं पहुंचता, सिस्टम सक्रिय नहीं होता।”

नवनीत नावडिया ने किस्तों में ₹3 लाख का भुगतान किया, 25 मार्च को किरण चौक के पास ₹2.5 लाख नकद दिए और बाद में ₹50,000 और दिए। इसके बावजूद जब उम्मीदवारों की सूची आई, तो उनकी पत्नी का नाम गायब था। पार्टी नेता धर्मेश भंडेरी के हस्तक्षेप के बाद उन्हें रात में फॉर्म भरने के लिए बुलाया गया और अंकुर हिरपारा द्वारा तैयार किया गया एक टिकट थमा दिया गया। हालांकि, नामांकन की जांच के दौरान पता चला कि वह टिकट फर्जी था, जबकि असली टिकट किसी अन्य उम्मीदवार को दिया जा चुका था।

इस पूरे घोटाले में नवनीतभाई ने ओमप्रकाश के अलावा आकाश मिश्रा के खिलाफ भी सारथाना पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। पैसे लौटाने के लिए कहने पर आरोपियों ने अपने फोन बंद कर दिए। शिकायतकर्ता ने अपने पास मौजूद कॉल रिकॉर्डिंग और फुटेज के आधार पर सूरत पुलिस आयुक्त के समक्ष एक लिखित आवेदन भी दिया है, जिसमें भारतीय दंड संहिता के तहत अपराध दर्ज करने और कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया है।

सूरत के एसीपी (ए डिवीजन) विपुल आर. पटेल ने पुष्टि की है कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है।

 बता दें की, इस घटनाक्रम के कुछ दिन पहले ही सूरत क्राइम ब्रांच ने एक बड़े हवाला नेटवर्क का भंडाफोड़ किया था, जिसमें भी आप (AAP) कार्यकर्ताओं के नाम सामने आए हैं। 20 अप्रैल 2026 को पुलिस ने अंगड़िया नेटवर्क के माध्यम से दिल्ली से सूरत भेजे गए ₹1.25 करोड़ पकड़े थे।

क्राइम ब्रांच के अनुसार, यह रकम दिल्ली के व्यवसायी हिमांशु पाहुजा ने भेजी थी और इसे प्राप्त करने वालों में आकाश मिश्रा और अजय तिवारी शामिल थे। सीसीटीवी फुटेज में इन कार्यकर्ताओं को नकदी संभालते देखा गया है। गौरतलब है कि आकाश मिश्रा वही व्यक्ति है जिसे टिकट रिश्वत मामले में भी सह-आरोपी बनाया गया है।

डीसीपी (क्राइम) भावेश रोजिया ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह पैसा स्थानीय चुनावों में उपयोग के लिए भेजा गया था। इस मामले की जांच अब आयकर विभाग को भी सौंप दी गई है, और पुलिस को संदेह है कि इस नेटवर्क के तार दिल्ली स्थित वरिष्ठ आप नेताओं से जुड़े हो सकते हैं। फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की तलाश और वित्तीय कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।

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