प्रमोद कृष्णम ने कहा कि ये पानी में आग लगाकर दूर खड़े हो जाते हैं। सचिन पायलट को मुख्यमंत्री नहीं बनाना था, इसीलिए अशोक गहलोत को मोहरा बनाया गया। अशोक गहलोत सत्ता के लालची व्यक्ति हैं।
उन्होंने कहा कि ये बात पक्की है कि धृतराष्ट्र जन्म से अंधे थे, लेकिन पुत्र मोह में धृतराष्ट्र मानसिक तौर से भी अंधे हो गए थे। वैसे ही सत्ता के सिंहासन के स्वार्थ में अशोक गहलोत भी अंधे हो गए हैं।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और उनकी टीम सचिन पायलट को मुख्यमंत्री नहीं बनाना चाहती थी। वे अभी भी नहीं चाह रहे हैं, सवाल यह है कि जब सिद्दारमैया को हटाया जा सकता है, अमरिंदर सिंह को हटाया जा सकता है तो अशोक गहलोत को क्यों नहीं हटाया गया? अगर अशोक गहलोत ने कांग्रेस हाईकमान की बात का उल्लंघन किया तो उन्हें बर्खास्त क्यों नहीं किया गया? सचिन पायलट बहुत बड़ी साजिश का शिकार हुए हैं।
प्रमोद कृष्णम ने कहा कि मुझे लगता है कि सचिन पायलट को राजस्थान की कमान नहीं सौंपी जाएगी, क्योंकि अगर सचिन पायलट को कमान सौंपी जाती है तो उनमें लोग संभावनाएं देख रहे हैं। जिस नेता में संभावनाएं होती हैं, उनको राहुल गांधी कतई बर्दाश्त नहीं करते हैं। उनकी चौकड़ी जब तक है तब तक कांग्रेस का कुछ नहीं हो सकता। राजस्थान, पंजाब और उत्तर प्रदेश धीरे-धीरे करके सब जगह से कांग्रेस पार्टी खत्म होती जा रही है। झगड़े की जड़ अशोक गहलोत नहीं राहुल गांधी हैं।



