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Wednesday, February 11, 2026
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युद्धाभ्यास के बाद सैन्य चिकित्सा में भारत-अमेरिका आए साथ!

अमेरिका यात्रा के दौरान विशेष रूप से मरीन मेडिसिन तथा एविएशन मेडिसिन पर चर्चा की गई। मरीन मेडिसिन समुद्र में तैनात नौसैनिकों के लिए होती है।

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भारत और अमेरिका, सेना से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में एक-दूसरे के सहयोगी हैं। दोनों देशों की सेनाओं ने हाल ही में संयुक्त सैन्य अभ्यास भी किए हैं। अब सैन्य क्षेत्र में एक कदम और आगे बढ़ाते हुए भारतीय सशस्त्र बलों की चिकित्सा सेवा के वरिष्ठ अधिकारी, अमेरिकी सशस्त्र बलों की चिकित्सा सुविधाओं का अध्ययन करने अमेरिका पहुंचे हैं।

अमेरिका यात्रा के दौरान विशेष रूप से मरीन मेडिसिन तथा एविएशन मेडिसिन पर चर्चा की गई। मरीन मेडिसिन समुद्र में तैनात नौसैनिकों के लिए होती है। वहीं, एविएशन मेडिसिन एयरफोर्स से लेकर अंतरिक्ष यात्रियों व ऐसे ही अन्य मिशनों में तैनात विशेषज्ञों के लिए मददगार साबित होती है।

भारतीय सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा के वरिष्ठ अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल, महानिदेशक व सर्जन वाइस एडमिरल डॉ. आरती सरीन के नेतृत्व में अमेरिका पहुंचा है।

भारतीय दल अमेरिकी सशस्त्र बलों की चिकित्सा सुविधाओं के अध्ययन दौरे पर होनोलूलू, हवाई में है। इस यात्रा के दौरान भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिकी रक्षा चिकित्सा अधिकारियों के साथ सैन्य स्टाफ स्तरीय वार्ता की है।

इन वार्ताओं में सैन्य चिकित्सा, मरीन मेडिसिन तथा एविएशन मेडिसिन जैसे विशेष क्षेत्रों में अपनाई जा रही श्रेष्ठ प्रथाओं को साझा किया गया। साथ ही दोनों देशों के बीच होने वाले द्विपक्षीय सैन्य अभ्यासों में चिकित्सा सहयोग बढ़ाने के विषय पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

रक्षा मंत्रालय का कहना है कि प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिकी सैन्य चिकित्सा प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। वहां उपलब्ध अत्याधुनिक चिकित्सा ढांचे, आपातकालीन चिकित्सा देखभाल, तथा सैनिकों की तैनाती के दौरान चिकित्सा प्रबंधन की व्यवस्था को गहराई से समझा है।

भारतीय टीम ने अपने अनुभवों और कार्यप्रणालियों को भी साझा किया, जिससे दोनों देशों के बीच इस क्षेत्र में आपसी समझ और विश्वास अधिक मजबूत हुआ है। इस अवसर पर वरिष्ठ अधिकारियों ने माना कि भारत और अमेरिका के बीच रक्षा चिकित्सा क्षेत्र में सहयोग न केवल सैनिकों की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए महत्त्वपूर्ण है, बल्कि यह रणनीतिक साझेदारी को भी नई दिशा प्रदान करता है।

रक्षा मंत्रालय ने इस दौरे को रक्षा चिकित्सा सहयोग को गहराई और व्यापकता प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

गौरतलब है कि जहां एक ओर भारतीय सैन्य चिकित्सा दल अमेरिका में है, वहीं दूसरी तरफ हाल ही में भारत और अमेरिका की सेनाओं के बीच अलास्का में एक बड़ा सैन्य अभ्यास ‘युद्ध अभ्यास 2025’ संपन्न हुआ है।

इस युद्धाभ्यास में इलेक्ट्रॉनिक युद्ध, निगरानी, काउंटर-ड्रोन सिस्टम व अन्य मानव रहित हवाई प्रणालियों के इस्तेमाल और इनसे निपटने के तरीकों समेत आधुनिक युद्ध का अभ्यास किया गया।

इसके अंतर्गत दोनों सेनाओं ने पहाड़ी और उच्च हिमाच्छादित क्षेत्रों में प्रशिक्षण ऑपरेशन भी किए। अमेरिका में आयोजित यह युद्धाभ्यास इसी माह 14 सितंबर को संपन्न हुआ है।

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