महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की जान लेने वाले बारामती विमान हादसे को लेकर सरकार ने बुधवार को एक आधिकारिक बयान जारी कर घटनाक्रम का विस्तृत विवरण साझा किया। बयान के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त विमान को रनवे 11 पर उतरने की अनुमति दी गई थी, लेकिन उस अनुमति के बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को कोई रीडबैक नहीं मिला और अगले ही मिनट रनवे के पास आग की लपटें देखी गईं।
सरकारी बयान के मुताबिक, यह हादसा बुधवार (28 जनवरी) अजित पवार को लेकर जा रहा चार्टर्ड विमान बारामती हवाई अड्डे पर उतरने का प्रयास कर रहा था तब हुआ। विमान को पहले एक असफल लैंडिंग प्रयास के बाद दोबारा रनवे 11 पर उतरने की मंजूरी दी गई थी। यह अनुमति सुबह 8:43 बजे दी गई, लेकिन इसके बाद पायलट की ओर से ATC को लैंडिंग क्लीयरेंस का कोई रीडबैक नहीं दिया गया। बयान में कहा गया है कि ठीक एक मिनट बाद, यानी 8:44 बजे, ATC कर्मियों ने रनवे 11 के थ्रेशहोल्ड के पास आग की लपटें देखीं।
सरकार ने यह भी कहा कि पूरे घटनाक्रम में एक अहम बात यह रही कि दुर्घटना से पहले ATC को न तो कोई MAYDAY कॉल मिला और न ही किसी प्रकार का आपात या संकट संदेश भेजा गया। हादसे के कारणों की जांच अब Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) को सौंप दी गई है।
विमान हादसे से पहले की घटनाओं का क्रम
सरकारी बयान के अनुसार, विमान (पंजीकरण संख्या VI-SSK) ने सुबह 08:18 बजे पहली बार बारामती ATC से संपर्क किया। इसके बाद जब विमान बारामती से 30 नॉटिकल माइल दूर था, तब उसने दोबारा कॉल किया और पुणे अप्रोच से रिलीज किया गया। पायलट को दृश्य मौसम परिस्थितियों (Visual Meteorological Conditions) में अपने विवेक से नीचे उतरने की सलाह दी गई।
क्रू ने हवाओं और दृश्यता के बारे में जानकारी मांगी, जिस पर ATC ने बताया कि हवाएं शांत हैं और दृश्यता लगभग 3000 मीटर है। इसके बाद विमान ने रनवे 11 के फाइनल अप्रोच पर होने की सूचना दी, लेकिन क्रू ने बताया कि उन्हें रनवे दिखाई नहीं दे रहा है। इसके चलते पहले प्रयास में गो-अराउंड किया गया।
गो-अराउंड के बाद ATC ने विमान की स्थिति पूछी। क्रू ने दोबारा रनवे 11 के फाइनल अप्रोच पर होने की जानकारी दी और कहा कि वे रनवे दिखने पर सूचित करेंगे। क्रू ने कहा, “रनवे फिलहाल दिखाई नहीं दे रहा है, दिखते ही सूचना देंगे”। कुछ सेकंड बाद उन्होंने ATC को बताया कि रनवे अब दिखाई दे रहा है।
इसके बाद विमान को सुबह 08:43 बजे रनवे 11 पर उतरने की अनुमति दी गई, लेकिन इस क्लीयरेंस का कोई रीडबैक नहीं आया। अगले ही मिनट ATC ने रनवे के पास आग की लपटें देखीं, जिसके बाद आपात सेवाएं तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना की गईं।
दौरान, VSR वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड (जो VSR एविएशन के तौर पर काम करती है) के डायरेक्टर और मालिक विजय कुमार सिंह ने कहा, “…यह पायलट का फैसला था। उसने रनवे 29 से अप्रोच किया, और फिर उसने मिस अप्रोच किया, जिसके बाद उसने फिर से रनवे 11 से कोशिश की। मेरा भी पायलटों से कोई संपर्क नहीं है; वे वहां नहीं हैं। यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण फैसला था। हमें इस बात का बहुत दुख है। हम सबसे पहले उन परिवारों के साथ रहने की कोशिश कर रहे हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है। यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। मुख्य रूप से, ऐसा लगता है कि पायलट रनवे नहीं देख पाया…वह बहुत अनुभवी पायलट था, 16,000 घंटे से ज़्यादा का अनुभव था। को-पायलट को भी 1500 घंटे का अनुभव था। कैप्टन बहुत अनुभवी थे। वह सहारा, जेटलाइट, जेट एयरवेज के साथ थे और उन्हें इस तरह के हवाई जहाज का भी बहुत अनुभव था…विमान बहुत अच्छी तरह से मेंटेन किया हुआ था। विमान में बिल्कुल कोई समस्या नहीं थी, जहां तक हमें पता है, विमान में कोई तकनीकी खराबी नहीं थी…मेरी गहरी संवेदनाएं। कैप्टन सुमित कपूर मेरे बहुत अच्छे दोस्त थे। वह मेरे भाई जैसे थे। उनका बेटा भी हमारे साथ पायलट है। कैप्टन शाम्भवी पाठक मेरी बेटी जैसी थी। वे दोनों बहुत अच्छे इंसान और बहुत अच्छे पायलट थे…”
#WATCH | Charter plane crash landing in Baramati (Maharashtra) | Delhi: Vijay Kumar Singh, director and key owner of VSR Ventures Private Limited (operating as VSR Aviation), which operated the ill-fated plane, says, "…It was the pilot's decision. He made an approach from… pic.twitter.com/2NAU0JjLnq
— ANI (@ANI) January 28, 2026
हादसे में अजित पवार के अलावा दो पायलट और उनके दो सुरक्षाकर्मी एक पीएसओ और एक अटेंडेंट, की भी मौत हो गई। अजित पवार बारामती में आगामी जिला परिषद चुनावों से पहले चार अहम बैठकों में शामिल होने के लिए जा रहे थे। जांच एजेंसियां अब हादसे के सभी पहलुओं की विस्तृत जांच कर रही हैं।
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