विजयेंद्र ने कहा कि सरकारें आती-जाती रहती हैं। पिछली कई सरकारों ने संघ पर प्रतिबंध लगाने की कोशिश की, लेकिन अंततः जनता ने उन्हें नकार दिया, जबकि यह संगठन लगभग एक सदी से काम कर रहा है।
उन्होंने कहा कि संघ भारत के संविधान के दायरे में काम करता है और खड़गे ने एक मंत्री के तौर पर संविधान का पालन करने की शपथ ली है। विजयेंद्र ने संघ के 100 साल पूरे करने का भी जिक्र किया और कहा कि इसका लगातार काम करते रहना जनता की स्वीकार्यता को दर्शाता है।
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि संघ की आलोचना का इस्तेमाल शासन की प्राथमिकताओं पर ध्यान देने के बजाय सुर्खियां बटोरने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने आगे दावा किया कि प्रियांक खड़गे का गुलबर्गा निर्वाचन क्षेत्र विकास के पैमानों पर खराब प्रदर्शन कर रहा है, जिसका कारण उन्होंने वर्षों से खराब शासन और अप्रभावी नेतृत्व को बताया।
बीवाई विजयेंद्र ने कहा कि संघ पर हमला करने से सुर्खियां तो बन सकती हैं, लेकिन इससे उन लोगों के जीवन में कोई सुधार नहीं होता, जिन्होंने आपको चुना है।
उन्होंने कहा कि कर्नाटक और गुलबर्गा की जनता मुख्य मुद्दों से ध्यान भटकाने के बजाय बेहतर शासन, सार्थक विकास, जवाबदेही और नेतृत्व की हकदार है।
सोशल मीडिया पर अपने खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने कहा था कि मुझे गृह मंत्री का पद संभाले अभी 48 घंटे भी नहीं हुए हैं, और फिर भी आपका डर, आपकी चिंता और आपकी परेशानी साफ दिख रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि संघ को जवाबदेह होना चाहिए और संगठन की पंजीकरण स्थिति, कर छूट और वित्तीय पारदर्शिता पर सवाल उठाए।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के खिलाफ कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे के बयान से नाराज भाजपा एमएलसी सीटी रवि ने उन्हें सलाह दी कि वे गुंडों जैसा व्यवहार न करें और गृह मंत्री के पद की गरिमा बनाए रखें।
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर सत्ता का दुरुपयोग किया गया तो पश्चिम बंगाल जैसी घटनाएं कर्नाटक में भी दोहराई जा सकती हैं।
