पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह से पोक्सो हटाकर क्लीन चिट देने के सवाल पर बजरंग ने कहा कि पोक्सो अगर लग रहा था तो अब तक गिरफ्तार क्यों नहीं हुआ। दूसरी चीज सरकार ने पहले ही सपोर्ट करके वह हटवा दिया था वह कैसे चलने नहीं दिया था और उसके खिलाफ नाबालिग लड़की ने एक बार अपने बयान दे रखे हैं, तो कोर्ट किस बयान को मानती है।
बजरंग ने कहा, ”दबाव उन 6 लड़कियों पर भी है जो केस अभी चल रहा है और दबाव पोक्सो वाली लड़की पर भी दिया था तभी वह पीछे हट गई, नहीं तो वह बयान ही नहीं देती। सरकार उसका सपोर्ट कर रही है। हमेशा बच्चों को डरा धमका कर पीछे हटने का काम किया जा रहा है। इस तरीके से हमें नहीं लगता जो आज समय चल रहा है ठीक चल रहा है।”
उन्होंने कहा कि सरकार को अपना वोट प्यारा है। जो बच्चों के खिलाफ कुछ कर रहा है उसको बचाना जरूरी है सरकार के लिए। पोक्सो हटाने के कारण को लेकर बजरंग बोले कि बच्चों पर दबाव है, जब एक बार बेटी ने बयान दे दिए, फिर पलटा नहीं जाता, उसके बाद भी यह चीज हो रही है।
उल्लेखनीय है कि दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को पूर्व डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष के खिलाफ एक नाबालिग पहलवान द्वारा दर्ज यौन उत्पीड़न के मामले को बंद करने के लिए दिल्ली पुलिस की रद्दीकरण रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया था।



