क्या राज्यपाल द्वारा नियुक्त विधायकों का मसला सुलझ जाएगा ?
बॉम्बे हाईकोर्ट में राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के खिलाफ जनहित याचिका दायर करने वाले नासिक के रतन सोली लुथ ने 13 अगस्त, 2021 को हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की।
R N Singh
Updated: Wed 14th December 2022, 09:09 PM
Will the issue of MLAs appointed by the governor be resolved?
महाराष्ट्र विधानमंडल द्विसदनीय है। राज्य की राजनीति में पिछले ढाई साल से मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद की सलाह पर नियुक्त राज्यपाल द्वारा मनोनीत 12 सदस्यों की नियुक्ति का मुद्दा बना हुआ है| जब उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महाविकास अघाड़ी सरकार सत्ता में थी, तो उसने नवंबर 2020 में राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी को 12 नामों की एक सूची सौंपी थी।
राज्यपाल के इस पर फैसला नहीं होने पर मामला कोर्ट में चला गया। बॉम्बे हाई कोर्ट ने यह भी फैसला सुनाया कि वह इस मामले में राज्यपाल को निर्देश नहीं देगा, लेकिन उन्हें फैसला लेना चाहिए। बॉम्बे हाईकोर्ट में राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के खिलाफ जनहित याचिका दायर करने वाले नासिक के रतन सोली लुथ ने 13 अगस्त, 2021 को हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की।
उस अपील पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई| सुप्रीम कोर्ट में आज की सुनवाई में कई जानकारियां सामने आई हैं। चूंकि याचिकाकर्ताओं ने राज्यपाल के खिलाफ याचिका वापस लेने के लिए आवेदन किया है, ऐसे में देखना होगा कि अगली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राज्यपाल द्वारा नियुक्त 12 विधायकों का रास्ता साफ होगा या नहीं| फिलहाल मामले की सुनवाई फरवरी तक के लिए टाल दी गई है।
16 नवंबर को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई के लिए 14 दिसंबर की तारीख तय की थी। आज की सुनवाई से पहले ही 13 दिसंबर को रतन सोली लूथ ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के खिलाफ याचिका वापस लेने की अर्जी दी है| सुप्रीम कोर्ट ने राज्यपाल द्वारा नियुक्त विधायकों की याचिका पर सात फरवरी तक रोक लगा दी है| सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि तब तक राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी की नियुक्ति पर कोई फैसला नहीं लिया जाएगा| आज की कार्यवाही में सुप्रीम कोर्ट ने संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों के इस तरह काम करने पर नाराजगी जताई|
उद्धव ठाकरे की सरकार द्वारा राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को भेजी गई सूची मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की सरकार बनने के बाद वापस ले ली गई है| सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी अगली सुनवाई तक कोई फैसला न लें|