विभाग के मुताबिक, बाढ़ और जलजमाव के कारण कई इलाकों में सड़क मार्ग से राहत सामग्री पहुंचाना चुनौतीपूर्ण हो गया है। ऐसे में एयर ड्रॉपिंग के जरिए उन क्षेत्रों तक आवश्यक खाद्य सामग्री पहुंचाई जा रही है, जहां सामान्य आवागमन बाधित है। इसका उद्देश्य प्रभावित परिवारों को समय पर राहत उपलब्ध कराना है। आपदा प्रबंधन विभाग और जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
प्रभावित आबादी की आवश्यकता के अनुसार राहत सामग्री उपलब्ध कराने के लिए सड़क मार्ग के साथ-साथ वैकल्पिक माध्यमों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रशासन का लक्ष्य बाढ़ प्रभावित प्रत्येक परिवार तक जल्द से जल्द आवश्यक राहत और खाद्य सामग्री पहुंचाना है। इस विशेष राहत अभियान में भारतीय वायु सेना के पायलटों और कर्मियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।
इस विशेष राहत अभियान में भारतीय वायु सेना की विभिन्न इकाइयों के पायलटों एवं कर्मियों द्वारा महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा रही है। एयर ड्रॉपिंग अभियान का संचालन ग्रुप कैप्टन अनुज गुप्ता एवं विंग कमांडर विशाल खत्री (गोरखपुर), स्क्वाड्रन लीडर रोहित दादरवाल एवं फ्लाइट लेफ्टिनेंट कुणाल कलमकर (बागडोगरा) तथा फ्लाइट लेफ्टिनेंट राठौड़ भरत सिंह (बागडोगरा) के नेतृत्व में किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बाढ़ की इस चुनौतीपूर्ण स्थिति में प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने में सहयोग के लिए गृह मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और भारतीय वायु सेना के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा है कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य प्रभावी तरीके से संचालित किए जा रहे हैं।



