इस बीच, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बिक्रम मजीठिया के खिलाफ हुई कार्रवाई पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने गुरुवार को एक बयान में कहा, “बिक्रमजीत मजीठिया को रिमांड पर लिया जाएगा, जिसमें वह सब कुछ बताएंगे कि उनके पास क्या-क्या है। बुधवार को विजिलेंस ने बताया था कि क्या-क्या बरामद हुआ है।
भगवंत मान ने कहा, “जिस तरह से ड्रग्स मनी का इस्तेमाल किया गया है, इस बात की जांच की जाएगी और यह पता लगाया जाएगा कि वह हवाला के माध्यम से आया है या कहीं और से आया है। यह सब जांच का विषय है।”
मुख्यमंत्री ने पंजाब को नशा मुक्त बनाने की बात कही। उन्होंने कहा, “हमें पंजाब को नशा मुक्त बनाना है और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वे राजनीतिक रूप से कितने भी मजबूत हों, चाहे वे अधिकारी हों या तथाकथित प्रभावशाली व्यक्ति जो दावा करते हैं, ‘कोई भी मेरी आंखों में देखने की हिम्मत नहीं करता।’ यह रवैया अब काम नहीं करेगा।”
पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने बुधवार को शिरोमणि अकाली दल के नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया को अमृतसर स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया था। उन पर 540 करोड़ रुपए से अधिक की ड्रग मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है।
विशेष जांच टीम (एसआईटी) और विजिलेंस ब्यूरो की जांच में पता चला कि मजीठिया ने बड़े पैमाने पर ड्रग मनी की हेरा फेरी की। प्रारंभिक जांच के अनुसार, 161 करोड़ रुपए की नकदी मजीठिया द्वारा नियंत्रित कंपनियों के बैंक खातों में जमा की गई, 141 करोड़ रुपए संदिग्ध विदेशी संस्थाओं के जरिए भेजे गए और 236 करोड़ रुपए बिना किसी घोषणा या स्पष्टीकरण के कंपनी के वित्तीय विवरणों में जमा किए गए।
विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि 2021 की एफआईआर और एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज किया गया है, जिसमें एनडीपीएस एक्ट की धारा 25, 27-ए और 29 के तहत कार्रवाई की गई। जांच में पाया गया कि मजीठिया ने ड्रग मनी को सराया इंडस्ट्रीज में लगाया।
इस मुद्दे पर सरकार ने कहा कि मजीठिया ने बिना किसी वैध आय स्रोत के चल और अचल संपत्तियां भी हासिल कीं।
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