ब्रिक्स सम्मेलन में विदेशी मेहमानों के सामने कुछ ऐसा ही भारत नजर आने वाला है। जहा एक ही मेज पर रागी का डोसा, बाजरे का उपमा, कश्मीरी पुलाव, हैदराबादी बिरयानी और लखनवी कबाब सजे दिखने वाले हैं। दिल्ली के पांच तारा होटलों से लेकर भारत मंडपम तक मेन्यू में भारत के अलग-अलग हिस्सों का स्वाद उतारने की तैयारी है। किसी की प्लेट में श्री अन्न होगा तो किसी के लिए बिना तेल-मसाले का कस्टमाइज्ड नाश्ता तैयार होगा।
ब्रिक्स सम्मेलन में भारत की विरासत को सिर्फ एक-दो व्यंजनों तक सीमित नहीं रखा गया है। मेन्यू में बाजरा, ज्वार और रागी जैसे श्री अन्न से बने पारंपरिक व्यंजन होंगे। रागी डोसा, बाजरा उपमा और मिलेट पोंगल के साथ मौसमी फल, नारियल पानी और ताजा छाछ भी मेहमानों को परोसे जाएंगे। दोपहर की थाली में भी भारत की विविधता नजर आएगी। गुजराती और राजस्थानी थाली के साथ साउथ इंडियन स्वाद होगा। कश्मीरी पुलाव, दक्कनी तड़का, हैदराबादी वेज और नान-वेज बिरयानी तथा दक्षिण भारतीय स्ट्यू भी मेन्यू में शामिल किए गए हैं। यानी विदेशी मेहमान जिस भी व्यंजन का स्वाद लें, उन्हें भारत के किसी न किसी हिस्से की पाक परंपरा से रूबरू होने का मौका मिलेगा।
भारतीय व्यंजनों की यह रंगीन थाली विदेशी मेहमानों की पसंद के साथ भी बदलेगी। तैयारियों से जुड़े एक फाइव स्टार होटल के अधिकारी के मुताबिक देशों के खानपान और डाइट को ध्यान में रखते हुए भारतीय स्वाद और विदेशी पसंद का फ्यूजन तैयार किया जा रहा है। लाइव कुकिंग काउंटर्स पर बिना तेल-मसाले के कस्टमाइज्ड कान्टिनेंटल नाश्ते का विकल्प भी रहेगा। यानी मेहमानों की जरूरत के मुताबिक खाना वहीं तैयार किया जा सकेगा। भारत मंडपम में विदेश मंत्री एस. जयशंकर की ओर से विदेशी मेहमानों के लिए दिए जा रहे रात्रिभोज में भी यह पाक विविधता नजर आएगी। विभिन्न राज्यों के खानसामे मिलकर देश की थाली तैयार करेंगे।
VVIP मेहमानों के लिए खास इंतजाम
लुटियंस दिल्ली के प्रमुख होटलों में भी ब्रिक्स मेहमानों की मेजबानी की तैयारियां पूरी रफ्तार से चल रही हैं। ताज महल होटल, ताज पैलेस, आइटीसी मौर्या, द लीला पैलेस, द ओबेराय, शांग्री-ला और द ललित में VVIP ब्लाक बुकिंग हो चुकी है। द ललित में रूस, चीन, संयुक्त अरब अमीरात, दक्षिण अफ्रीका समेत अन्य देशों से आने वाले सरकारी और व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों के लिए विशेष ब्लाक बुक किए गए हैं। वहीं आइटीसी मौर्या, ताज महल होटल और द लीला पैलेस में ब्राजील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, ईरान, यूएई और सऊदी अरब के शीर्ष नेताओं और उच्चस्तरीय राजनयिकों की मेजबानी की तैयारी है।
इसके साथ ही प्रतिनिधिमंडलों की धार्मिक और निजी प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए शुद्ध शाकाहारी और मांसाहारी व्यंजनों के लिए अलग-अलग सेक्शन बनाए गए हैं। दोनों के लिए समर्पित किचन की व्यवस्था की गई है। इससे मेहमानों को अपनी पसंद और प्राथमिकता के मुताबिक भोजन का विकल्प मिल सकेगा, जबकि मेन्यू में भारत के पारंपरिक स्वाद की मौजूदगी भी बनी रहेगी।
इस खास मेन्यू के पीछे सिर्फ खानसामों की तैयारी नहीं, बल्कि खाद्य सुरक्षा की भी कड़ी व्यवस्था है। भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) की ओर से होटलों में इस्तेमाल होने वाले कच्चे सामान, मसालों और बेकरी आइटम्स की नियमित लैब टेस्टिंग की जा रही है।
पांच तारा होटलों के किचन पर निगरानी बढ़ा दी गई है और खाद्य सुरक्षा को लेकर जीरो टालरेंस नीति लागू की गई है। विशेष खाद्य सुरक्षा अधिकारी और सूक्ष्मजीव विज्ञानी तैनात किए जा रहे हैं। खाना मेहमानों तक पहुंचने से ठीक पहले उसकी गुणवत्ता और स्वच्छता की जांच करेंगे। ब्रिक्स सम्मेलन की मेज पर इस तरह कूटनीति के साथ भारत की पाक विविधता भी होगी। कहीं मिलेट्स का देसी स्वाद, कहीं क्षेत्रीय थाली की खुशबू और कहीं लखनवी कबाब व हैदराबादी बिरयानी के जरिए भारतीय जायके की पहचान।
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