बिहार के लोगों को अब उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और पश्चिम बंगाल जाना आसान होगा। क्यों कि अंतरराज्यीय मार्गों पर बसों के परिचालन के लिए सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को सुदृढ़ किया जा रहा है। इसके लिए अन्य राज्यों के साथ समझौते किये गये। समझौता के बाद उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और पश्चिम बंगाल के कामगारों को बिहार सरकार यात्रा की सुगम सुविधा उपलब्ध कराने जा रही है।
बता दें कि नीतीश सरकार ने परिवहन विभाग के इस प्रस्ताव को राज्य मंत्रिमंडल ने मंगलवार को अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसके अलावा अंतरराज्यीय मार्गों पर बसों के परिचालन के लिए सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को मजबूत किया जाएगा।
इस संबंध में जानकारी देते हुए मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ ने बताया कि बिहार के लोगों की यात्रा को सुगम बनाने के लिए राज्य सरकार ने 74 नॉन एसी (डिलक्स) और 75 एसी (डिलक्स) बसों की खरीद के प्रस्ताव को मंत्रिमंडल ने अपनी मंजूरी दे दी है।
कुल 74 नन एसी बसों की खरीद के लिए बसों की खरीद पर प्रति बस 68 लाख रूपये की दर से परिवहन निगम को 50.32 करोड़ रुपये के सहायक अनुदान की मंजूरी प्रदान की गई है, जबकि 75 एसी बसों के लिए परिवहन निगम को 55.50 करोड़ रुपये के सहायक अनुदान की मंजूरी की गई है।
बिहार के कामगारों को पर्व-त्योहार के मौके पर देश के अन्य राज्यों से अपने घर आने में भारी मुसीबत का सामना करना पड़ता है। अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ ने बताया कि अंतरराज्यीय मार्गों पर बसों के परिचालन के लिए लोक निजी भागीदारी (पीपीपी) मोड के तहत निजी बस ऑपेरेटरों को कुल 150 नई एसी बस (44 सीटर स्लीपर) की खरीद पर प्रति बस 20 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि निजी बस ऑपेरेटर को उपलब्ध करने का फैसला लिया गया है।
बिहार के कामगारों को पर्व-त्योहार के मौके पर देश के अन्य राज्यों से अपने घर आने में भारी मुसीबत का सामना करना पड़ता है। अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ ने बताया कि अंतरराज्यीय मार्गों पर बसों के परिचालन के लिए लोक निजी भागीदारी (पीपीपी) मोड के तहत निजी बस ऑपेरेटरों को कुल 150 नई एसी बस (44 सीटर स्लीपर) की खरीद पर प्रति बस 20 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि निजी बस ऑपेरेटर को उपलब्ध करने का फैसला लिया गया है।
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