छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में रविवार (1 मई) को एक बड़ी कार्रवाई देखने को मिली जब आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) और आर्थिक अपराध शाखा (ECB) ने भिलाई के कारोबारी विजय भाटिया को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। भाटिया की गिरफ्तारी उनके नेहरू नगर स्थित घर पर छापेमारी के बाद की गई। इस दौरान उनके मैनेजर संतोष रामटेके के निवास पर भी तलाशी ली गई।
सुबह से ही दुर्ग और भिलाई के कई ठिकानों पर एकसाथ छापेमारी की कार्रवाई शुरू कर दी गई थी। अधिकारियों के अनुसार, विजय भाटिया को दिल्ली से गिरफ्तार कर रायपुर लाया जाएगा, जहां उनसे शराब घोटाले से जुड़े मामलों में पूछताछ की जाएगी। हालांकि, अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि छापेमारी के दौरान कौन-कौन से महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए हैं।
सूत्रों का कहना है कि विजय भाटिया छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस विधायक भूपेश बघेल के करीबी माने जाते हैं। इससे पहले भी भाटिया ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) की जांच के घेरे में आ चुके हैं और जब से राज्य में आबकारी घोटाले की जांच तेज हुई है, उनका नाम लगातार चर्चाओं में रहा है।
गौरतलब है कि यह घोटाला राज्य के आबकारी विभाग में बड़े पैमाने पर हुई अनियमितताओं से जुड़ा है। इसी साल जनवरी में ईडी ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए राज्य के पूर्व आबकारी मंत्री और कांग्रेस नेता कवासी लखमा को भी गिरफ्तार किया था। उन पर आरोप है कि उन्होंने घोटाले से संबंधित गतिविधियों में अहम भूमिका निभाई थी।
ईओडब्ल्यू और ईसीबी की ताजा कार्रवाई से यह संकेत मिल रहा है कि राज्य सरकार शराब घोटाले की तह तक जाकर दोषियों को कानून के कटघरे में लाने के लिए संकल्पित है। आगामी दिनों में इस मामले में और भी गिरफ्तारियां या खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
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