“पीएम मोदी के रहते दूसरे गठबंधन में नहीं जा सकता”

तेजस्वी संग गठबंधन की अटकलों को ख़ारिज करते हुए चिराग पासवान का बड़ा बयान

“पीएम मोदी के रहते दूसरे गठबंधन में नहीं जा सकता”

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बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों की सरगर्मी के बीच केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने राजनीतिक अटकलों पर विराम लगाते हुए साफ किया है कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं और किसी वैकल्पिक गठबंधन में जाने का सवाल ही नहीं उठता।

हाल ही में आरजेडी नेता तेजस्वी यादव से हुई मुलाकात को लेकर उठे सियासी सवालों का जवाब देते हुए चिराग ने कहा, “अगर मुझे दूसरे गठबंधन में जाना होता तो मैं 2020 में ही चला जाता। उस समय जब मैं गठबंधन से अलग हुआ था, मैं चाहे तो किसी दूसरे खेमे में जा सकता था। शायद मेरा प्रदर्शन और बेहतर होता, लेकिन मैंने अकेले चुनाव लड़ना पसंद किया।”

तेजस्वी यादव से मुलाकात के वीडियो पर सफाई देते हुए चिराग ने कहा, “तेजस्वी मेरे छोटे भाई हैं, उनके पिता लालू प्रसाद यादव को मैंने हमेशा पिता तुल्य और राबड़ी देवी को मां समान माना है। हमारी मुलाकात एक शहीद परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करने के दौरान हुई थी। यह लोकतंत्र की खूबसूरत तस्वीर है कि पक्ष-विपक्ष सब एकजुट होकर शहीदों को श्रद्धांजलि देने पहुंचे।”

अपने राजनीतिक रुख को और स्पष्ट करते हुए चिराग पासवान ने कहा कि एनडीए गठबंधन पूरी तरह मजबूत है और वे पूरी ताकत से आगामी बिहार विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने उपचुनावों में एनडीए की शानदार जीत का हवाला देते हुए कहा, “चार में चार सीटें जीतकर हमने 100 प्रतिशत स्ट्राइक रेट दर्ज की है। हम 225 से ज्यादा सीटें जीतकर सरकार बनाएंगे और एक बार फिर नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री बनेंगे।”

चिराग की इस स्पष्टता के बाद फिलहाल बिहार की सियासत में उठी अटकलों पर विराम लग गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चिराग पासवान की इस टिप्पणी से एनडीए को संबल मिला है, खासकर उस वक्त जब विपक्षी गठबंधन नए समीकरण गढ़ने की कोशिश कर रहा है।

हालांकि, बिहार की राजनीति में समीकरण तेजी से बदलते रहे हैं, और चुनावी महीनों में हर मुलाकात के मायने तलाशे जाते हैं। ऐसे में एनडीए की एकजुटता और चिराग की वफादारी दोनों ही गठबंधन के लिए महत्वपूर्ण संकेत हैं।

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