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सीएम योगी बोले, अच्छी सरकार से खुलता है समृद्धि का रास्ता​!

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत सरकार गरीब कन्या का विवाह कराने का भी कार्य कर रही है। इस सामूहिक विवाह में मुख्यमंत्री के साथ विधायकगण एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण भी सम्मिलित होते है। 

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब अच्छी सरकार होती है तो वह विकास और गरीब कल्याण के कार्यक्रमों को तेजी से आगे बढ़ाते हुए समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करती है। सरकार सुरक्षा के बेहतर माहौल में प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक, विकासपरक और कल्याणकारी परिवर्तन लाती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में विगत 11 साल से देश में और आठ साल से प्रदेश में यही परिवर्तन देखने को मिल रहा है।

सीएम योगी मंगलवार को हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (खाद कारखाना) के परिसर में 1200 जोड़ों के मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह को संबोधित कर रहे थे।

योगी सरकार ने सामूहिक विवाह योजना में प्रति जोड़ा खर्च 51 हजार रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया है और बढ़ी हुई धनराशि के साथ आज यह पहला आयोजन था। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वास्तविक सरकार वही है जो जनता के घर जाकर उनकी समस्याओं का समाधान निकाल सके।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोक कल्याणकारी कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने का ही एक अभियान है। यह कार्यक्रम बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना की अगली कड़ी है। यह बाल विवाह, बहुविवाह और दहेज प्रथा जैसी सामाजिक रूढ़ियों पर भी प्रहार है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज सरकार की मंशा हर एक नागरिक के जीवन में परिवर्तन लाने की है। भारत को दुनिया की सबसे बड़ी ताकत बनाने के लिए हमें समाज के अंतिम पायदान पर बैठे प्रत्येक व्यक्ति के बारे में सोचना होगा। हमें उसके जीवन में परिवर्तन लाना होगा।

इसी परिवर्तन के उद्देश्य से सरकार द्वारा मातृ वंदना योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओं योजना, कन्या सुमंगला योजना, आयुष्मान योजना आदि अन्य कार्यक्रम शुरू किए गए हैं। सामूहिक विवाह योजना भी इसी प्रगतिशील सोच का प्रतीक है।

सीएम योगी ने कहा कि बेटी को बचाना है तो उसे पढ़ाना होगा, उसको सशक्त बनाना होगा। बेटी को आगे बढ़ाने के लिए हमें सभी व्यवस्थाएं करनी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में सरकार द्वारा निर्धनों की पीड़ा को समाप्त करने के लिए बेटी के जन्म से लेकर स्नातक तक की पढ़ाई के लिए मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना चलाई गई।

आज यह योजना सफलतापूर्वक चल रही है। इसके तहत प्रदेश के साधनहीन और वंचित परिवारों की लगभग 24 लाख बालिकाओं को जन्म से लेकर स्नातक की शिक्षा के लिए 25 हजार की धनराशि दी जा रही है।
सीएम ने बताया कि बेटी के जन्म के बाद रजिस्ट्रेशन करते ही एक निश्चित धनराशि उसके खाते में डाल दी जाती है। बेटी के 1 वर्ष होने पर एवं सभी टीका से आच्छादित होने पर भी एक निश्चित धनराशि दी जाती है।
इसके बाद बेटी को कक्षा 1, कक्षा 6 एवं कक्षा 9 में प्रवेश करने के बाद और उसके आगे आईटीआई, डिप्लोमा या अन्य कोर्स में प्रवेश लेने पर एक निश्चित धनराशि खाते में भेजी जाती है। आज यह धनराशि बेटी की सुरक्षा का संबल बन रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कन्या सुमंगला योजना में शिक्षा के लिए उचित व्यवस्था के बाद बेटी की शादी के लिए सरकार द्वारा मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना चलाई गई। आज गरीब अभिभावक को बेटी के विवाह की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत सरकार गरीब कन्या का विवाह कराने का भी कार्य कर रही है। इस सामूहिक विवाह में मुख्यमंत्री के साथ विधायकगण एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण भी सम्मिलित होते है।
उन्होंने कहा कि मुझे भी इस कार्यक्रम में शामिल होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। यह हम सभी का सौभाग्य है कि हम इस सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शामिल हुए हैं, जो बाल विवाह, दहेज प्रथा व बहुविवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों से मुक्ति दिलाने का माध्यम है।
इस योजना में जाति, मत, मजहब एवं क्षेत्र के बंधन से मुक्त होकर सभी अपनी रीति-रिवाज के अनुसार रजिस्ट्रेशन कर सामूहिक विवाह में शामिल हो सकते है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले समाज कल्याण विभाग द्वारा अनुसूचित जाति-जनजाति की कन्याओं के लिए केवल 20 हजार रुपये दिये जाते थे। यह धनराशि भेदभाव के साथ दी जाती थी, सभी को नहीं प्राप्त होती थी। 20 हजार की धनराशि भी पर्याप्त नहीं थी।

यह धनराशि समय पर भी नहीं मिलती थी। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना 2017 में शुरू की गई थी तब इसकी राशि 35 हजार थी बाद में इसे बढ़ाकर 51 हजार एवं 1 अप्रैल 2025 से इस धनराशि को बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दिया गया है। इसमें 60 हजार रुपये बेटी के खाते में जमा होंगे।
शेष धनराशि गृहस्थी के सामान, कन्या के जेवर एवं भोजन व अन्य व्यवस्थाओं में व्यय किया जायेगा। सरकार यह कार्य दहेज प्रथा, बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराइयों को तिलांजलि देकर प्रत्येक गरीब के जीवन में परिवर्तन लाने के लिए कर रही है।

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के मार्गदर्शन में आज हर गरीब को शासन की योजनाओं का लाभ मिल रहा है। आज देश में 4 करोड़ गरीबों को आवास, 10 करोड़ गरीबों को उज्जवला योजना के तहत रसोई गैस कनेक्शन, 12 करोड़ को शौचालय, 45 करोड़ को जनधन खाते एवं 50 करोड़ गरीबों को आयुष्मान योजना का लाभ दिया गया है।

इसी प्रकार सरकार द्वारा पिछले 5 वर्षो से 80 करोड़ लोगों को निशुल्क राशन दिया जा रहा है। डबल इंजन की सरकार हर उस कार्यक्रम को, जिससे गरीबों का कल्याण होता है, लगातार आगे बढ़ा रही है। आज इन्हीं प्रयासो का परिणाम है कि भारत में विगत 10 वर्षो में 25 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी से उबरे है। उत्तर प्रदेश में भी छह करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से उपर उठाने में मदद मिली है।

सीएम योगी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जमीनी विवाद को खत्म करने के लिए सरकार द्वारा प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना लागू की गई है। इस योजना के माध्यम से सरकार द्वारा गरीबों को उनके घर के मालिकाना अधिकार पत्र दिये जा रहे है।

यूपी में 1 करोड़ 6 लाख परिवारों को उनके घर का अधिकार पत्र दिया गया है। उन्होंने कहा कि पहले की सरकार स्ट्रीट वेंडर्स के लिए कोई कार्य नहीं करती थी। ठेला, रेहड़ी, खोमचा लगाने वाले गरीबों का पहले हर जगह शोषण होता था, किन्तु आज सरकार द्वारा उनको व्यवसाय के लिए लोन दिया जा रहा है।
प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना भी शुरू की है। इसके तहत 18 से 40 वर्ष तक के प्रदेश के युवाओं को बिना गारंटी के 5 लाख रुपये का ब्याज मुक्त ऋण देने का प्रावधान किया गया है। इस लोन को समय से चुकाने पर दूसरे चरण मे 7.5 लाख एवं इसके बाद 10 लाख तक का ऋण देने की व्यवस्था है।

नवयुगलों के सुख, समृद्धि एवं मंगलमय जीवन की कामना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर एक परिवार को सशक्त एवं समर्थ बनाने के लिए विकास प्रक्रिया को निरंतर आगे बढ़ाती रहेगी।

आज हम सबको समाज में जाति भेद, अस्पृश्यता, बाल विवाह जैसी रूढ़िवादिता के खिलाफ मजबूती से खड़े होने की आवश्यकता है। हम सबको सामूहिक रूप से इन कुप्रथाओं का विरोध करना पड़ेगा। दहेज भी इसी प्रकार की एक रूढ़िवादी प्रथा है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना इस कुप्रथा पर एक प्रहार है।

बढ़ी धनराशि के साथ प्रदेश में सामूहिक विवाह योजना के पहले कार्यक्रम में सीएम योगी ने   किसी एक शादी में उनके लिए समय निकाल पाना मुश्किल होता है लेकिन मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का आयोजन ऐसा है जहां मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद, विधायक भी कन्यादान के कार्यक्रम में जुड़कर, लोगों का स्वागत करने के लिए खुद को सौभाग्यशाली मानते हैं।

उन्होंने आज के सामूहिक विवाह कार्यक्रम को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इसके लिए वह लखनऊ के सारे कार्यक्रम छोड़कर यहां मौजूद है कि प्राचीन मान्यता रही है कि गांव की बेटी सबकी बेटी होती है।

समाज कल्याण विभाग की तरफ से आयोजित इस समारोह में 1200 जोड़े विवाह के पावन बंधन में बंधे। नवयुगलों में हिंदू, मुस्लिम दोनों शामिल रहे। सभी नव दंपतियों को आशीर्वाद देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके सुखमय और मंगलमय जीवन की कामना की।

इस अवसर पर उन्होंने मंच से 11 नवयुगलों को उपहार-शगुन किट भेंट किया। उपहार देने के दौरान मुख्यमंत्री ने जोड़ों से आत्मीय संवाद भी किया।
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