28 C
Mumbai
Friday, September 18, 2026
National Stock Exchange of India Limited
होमदेश दुनियासीएम योगी का बड़ा फैसला, असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा निरस्त

सीएम योगी का बड़ा फैसला, असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा निरस्त

इन शिकायतों के आधार पर एसटीएफ यूपी को सूचनाएं प्राप्त हुईं, जिसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री द्वारा गोपनीय जांच के आदेश दिए गए।

Google News Follow

Related

- Advertisement -National Stock Exchange
उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश में होने वाली सभी भर्तियों और चयन प्रक्रियाओं को स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शुचितापूर्ण बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। अभ्यर्थियों के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक अहम निर्णय लेते हुए असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा को निरस्त करने के आदेश दिए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज द्वारा विज्ञापन संख्या 51 के अंतर्गत सहायक आचार्य पद के लिए अप्रैल 2025 में आयोजित परीक्षा में अनियमितताओं, धांधली और अवैध धन वसूली की शिकायतें सामने आई थीं। इन शिकायतों के आधार पर एसटीएफ यूपी को सूचनाएं प्राप्त हुईं, जिसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री द्वारा गोपनीय जांच के आदेश दिए गए।

जांच के दौरान एसटीएफ ने 20 अप्रैल 2025 को असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा के फर्जी प्रश्नपत्र बनाकर अभ्यर्थियों से ठगी करने वाले गिरोह के तीन आरोपियों- महबूब अली, बैजनाथ पाल और विनय पाल को गिरफ्तार किया। आरोपियों के खिलाफ थाना विभूतिखंड, लखनऊ में भारतीय न्याय संहिता 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।

पूछताछ में मुख्य आरोपी महबूब अली ने स्वीकार किया कि उसने मॉडरेशन प्रक्रिया के दौरान विभिन्न विषयों के प्रश्नपत्र निकालकर कई अभ्यर्थियों को धन लेकर उपलब्ध कराए थे। एसटीएफ की गहन विवेचना और डेटा विश्लेषण से उसकी स्वीकारोक्ति की पुष्टि हुई।

जांच के दौरान अन्य संदिग्ध अभ्यर्थियों और व्यक्तियों के नाम भी सामने आए। आयोग से प्राप्त डाटा के मिलान में यह स्पष्ट हुआ कि परीक्षा की शुचिता भंग हुई है।

इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा को निरस्त करने के आदेश दिए हैं। साथ ही उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को निर्देशित किया गया है कि परीक्षा का आयोजन शीघ्र, पूर्णतः निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से दोबारा सुनिश्चित किया जाए, ताकि अभ्यर्थियों का भविष्य सुरक्षित रह सके।

यह भी पढ़ें- 

“वे मुफ्त की सलाह देते हैं”: ऑपरेशन सिंदूर पर पश्चिमी ‘पाखंड’ को लेकर एस जयशंकर का तंज

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

150,356फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
333,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें