भाजपा सांसद संबित पात्रा ने कहा कि पहले भी टीमों ने विजय जुलूस निकाले हैं। चेन्नई सुपर किंग्स, कोलकाता नाइटराइडर्स जैसी टीमों ने भी विजय जुलूस निकाले। भारत ने टी20 विश्वकप जीता तो कुछ दिनों की व्यवस्था के बाद मुंबई में विजय जूलूस निकाला गया, पर यहां मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उप-मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने फोटो खिंचानें की जल्दी में बिना किसी उचित व्यवस्था के विजय उत्सव का आयोजन किया, जिसका नतीजा रहा कि 11 लोगों की जान चली गई तथा 50 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की जीत का जश्न तब फीका पड़ गया, जब बंगलूरू में भगदड़ के दौरान 11 लोगों की जान चली गई। आरसीबी ने पहली बार खिताब जीता तो बंगलूरू में ट्रॉफी का जश्न मनाने लाखों प्रशंसक जमा हुए। हालांकि, चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर भगदड़ मची और फैंस की जान चली गई। हादसे को लेकर भाजपा ने कांग्रेस को आड़े हाथ लिया।
संबित पात्रा ने कहा, ‘बीसीसीआई अध्यक्ष और आईपीएल चेयरमैन ने कहा कि उन्हें समारोह की जानकारी नहीं थी। विजय जुलूस पहले भी निकाले गए हैं, लेकिन विजय जुलूस हमेशा कम से कम 2 दिन बाद निकाले जाते थे। भीड़ प्रबंधन की उचित व्यवस्था करने के लिए इस समय अंतराल की आवश्यकता है।
सीएम और डिप्टी सीएम ने टीम को विजय जुलूस के लिए मजबूर किया और ये सभी व्यवस्थाएं सिर्फ 12 घंटे में की गईं, और इसका नतीजा 11 लोगों की मौत थी। जब अल्लू अर्जुन की फिल्म की स्क्रीनिंग के दौरान भगदड़ मची, तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
कांग्रेस सरकार ने उनकी गिरफ्तारी के आदेश दिए। अल्लू अर्जुन की गिरफ्तारी के उसी सिद्धांत पर क्या डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया को भी गिरफ्तार किया जाएगा?’
संबित पात्रा ने कहा कि क्या सिद्धारमैया इस्तीफा देंगे? एक वीडियो था, जिसमें डीके शिवकुमार को एक व्यक्ति की गर्दन से धक्का देते हुए देखा जा सकता है, जब वह व्यक्ति उनके और कैमरे के बीच आ गया। महत्व भीड़ प्रबंधन का नहीं था, महत्व उनका पीआर स्टंट था। क्या डीके शिवकुमार माफी मांगेंगे और इस्तीफा देंगे?
इस पूरे आयोजन को किसने अधिकृत किया? मौतों के बावजूद कार्यक्रम को जारी रखने के लिए किसने अधिकृत किया। यह राज्य सरकार की विफलता है। उन्हें इसकी जिम्मेदारी लेनी होगी। सबसे बड़ा सवाल यह है कि राहुल गांधी कहां हैं? वे कहां छिपे हैं? क्या वे सवाल करेंगे? क्या सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार को इस्तीफा देने के लिए कहेंगे?
इस बीच कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने कहा कि भगदड़ की जिम्मेदारी कौन लेगा? अगर राज्य सरकार ने सही तरीके से प्रबंधन किया होता तो यह त्रासदी टाली जा सकती थी। अहमदाबाद में हुए फाइनल मैच में डेढ़ लाख लोग जुटे थे और वहां ऐसी कोई त्रासदी नहीं हुई।
राज्य सरकार ने इतनी जल्दबाजी में कार्यक्रम क्यों आयोजित किया? कल बिना उचित तैयारी के कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति क्यों दी गई? विधान सभा के सामने जश्न मनाने की क्या जरूरत थी? यह स्पष्ट होना चाहिए कि उपमुख्यमंत्री ने इसका आयोजन किया या मुख्यमंत्री ने।
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