प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दो दिवसीय साइप्रस दौरे के दौरान एक भावुक और गर्व से भर देने वाला दृश्य सामने आया, जब साइप्रस की निकोसिया नगर परिषद की सदस्य मिकाएला किथ्रियोटी म्लापा ने प्रधानमंत्री का स्वागत करते हुए उनके पैर छू लिए। यह दृश्य उस समय कैमरे में कैद हुआ, जब पीएम मोदी राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडूलाइड्स के साथ देश की ऐतिहासिक सीजफायर लाइन क्षेत्र का दौरा कर रहे थे। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसे भारतीय संस्कृति की वैश्विक स्वीकार्यता और सम्मान से जोड़कर देख रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी, जो पहले भी महिलाओं द्वारा पैर छूने पर विनम्रता से उन्हें रोकते नजर आए हैं, इस बार भी सहज भाव से म्लापा को आशीर्वाद देते हुए हाथ जोड़ते दिखे। यह दृश्य भारत की सांस्कृतिक परंपराओं और वैश्विक मंच पर उसकी छवि को नई ऊंचाई देता नजर आया।
भाजपा प्रवक्ता सीआर केसवन ने इस पल पर प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, “पहले पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री जेम्स मारापे ने प्रधानमंत्री मोदी के चरण स्पर्श कर सम्मान व्यक्त किया था और अब साइप्रस की नगर परिषद सदस्य मिकाएला द्वारा किया गया यह कार्य भारतीय संस्कृति और परंपरा की वैश्विक मान्यता का प्रतीक है। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की शक्ति और प्रतिष्ठा को दुनिया भर में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।”
First we saw Papua New Guinea PM James Marape touching @narendramodi ji’s feet during his visit to the island nation and now Michaela Kythreoti Mhlapa, Member of the Council of Nicosia's gesture welcoming PM Modi is a reflection of their great respect and admiration for India’s… pic.twitter.com/bHMTpdwJ0I
— C.R.Kesavan (@crkesavan) June 16, 2025
यह पहली बार नहीं है जब विदेश में पीएम मोदी को इतना आत्मीय सम्मान मिला है। मई 2023 में पापुआ न्यू गिनी की राजधानी पोर्ट मोरेस्बी में, वहां के प्रधानमंत्री जेम्स मारापे ने भी पीएम मोदी के पैर छूकर उन्हें “महान नेता” कहकर सम्मानित किया था।
सोमवार को साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडूलाइड्स ने प्रधानमंत्री मोदी को अपने देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ मकारियोस तृतीय’ से भी नवाजा। यह प्रधानमंत्री मोदी को किसी विदेशी राष्ट्र की ओर से प्राप्त 23वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है।
राष्ट्रपति निकोस ने इस अवसर पर कहा, “23 वर्षों बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह यात्रा हमारे लिए गर्व की बात है। इससे हमारे द्विपक्षीय संबंध और मजबूत होंगे, खासकर रक्षा, व्यापार, तकनीक और पर्यटन के क्षेत्र में। हम यूरोपीय संघ के सदस्य के रूप में भारत के साथ रणनीतिक संबंधों को नई दिशा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।” उन्होंने साइप्रस मुद्दे पर भारत के दीर्घकालिक समर्थन के लिए प्रधानमंत्री मोदी का सार्वजनिक रूप से आभार भी जताया।
इस दौरे और सम्मान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रधानमंत्री मोदी न केवल भारत के नेता हैं, बल्कि वे अब वैश्विक कूटनीति में भारतीय संस्कृति, मूल्यों और राष्ट्र की प्रतिष्ठा के प्रतीक के रूप में भी देखे जा रहे हैं।
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