33 C
Mumbai
Thursday, January 29, 2026
होमराजनीति'मैच हारने के बाद रेफरी को दोष देना अब नई आदत बन...

‘मैच हारने के बाद रेफरी को दोष देना अब नई आदत बन चुकी है’ चुनाव आयोग !

आयोग ने कहा कि बार-बार वही आधारहीन आरोप लगाकर तथ्यों को अनदेखा करना दुर्भाग्यपूर्ण है।

Google News Follow

Related

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में धांधली के आरोपों को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और चुनाव आयोग के बीच एक बार फिर जुबानी जंग छिड़ गई है। राहुल गांधी द्वारा महाराष्ट्र चुनाव को ‘मैच फिक्सिंग’ करार दिए जाने और सोशल मीडिया पर ‘चुनाव कैसे चुराया जाए’ नाम से चरणबद्ध आरोप लगाने के बाद, निर्वाचन आयोग ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के आरोपों को पूरी तरह निराधार और लोकतंत्र के खिलाफ बताते हुए कहा, “मैच हारने के बाद रेफरी को दोष देना अब एक नई और बेतुकी आदत बन चुकी है।” आयोग ने जोर देकर कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी को पहले ही 24 दिसंबर 2024 को इन सभी मुद्दों पर विस्तृत जवाब दिया जा चुका है, जो आयोग की वेबसाइट पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है।

राहुल गांधी ने एक अंग्रेजी अखबार के लेख ‘Match-Fixing Maharashtra’ को एक्स (पूर्व ट्विटर) पर साझा करते हुए लिखा कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव एक “सुनियोजित लोकतंत्र विरोधी योजना” का हिस्सा था। उन्होंने दावा किया कि चुनाव में बीजेपी को फायदा पहुंचाने के लिए हेराफेरी की गई और अब बीजेपी बिहार चुनाव में भी यही दोहराएगी।

चुनाव आयोग ने अपने बयान में कहा कि इस प्रकार की भाषा न केवल लोकतंत्र के लिए विषैली है, बल्कि एक संवैधानिक संस्था को कलंकित करने की कोशिश है। आयोग ने स्पष्ट किया कि इस तरह के आरोप केवल चुनाव आयोग ही नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था, लाखों ईमानदार चुनाव कर्मचारियों और राजनीतिक दलों के हजारों अधिकृत एजेंटों का भी अपमान हैं।

चुनाव आयोग ने बताया कि 2024 में महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान मतदान और मतगणना से जुड़े तथ्यों को लेकर पहले ही राहुल गांधी के आरोपों का सिलसिलेवार खंडन किया गया था। आयोग ने स्पष्ट किया कि:

  • 65 लाख वोट अंतिम दो घंटे में डालने के आरोप के जवाब में आयोग ने बताया कि सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक कुल 6.4 करोड़ मतदाताओं ने वोट डाला। औसतन हर घंटे 58 लाख वोट पड़े, ऐसे में अंतिम दो घंटों में 116 लाख वोट पड़ना पूरी तरह संभव था।
  • मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोपों पर आयोग ने बताया कि कानूनी प्रक्रिया के तहत तैयार की गई मतदाता सूची सभी दलों, जिनमें कांग्रेस भी शामिल है, को पहले ही दी गई थी। विशेष संशोधन प्रक्रिया के दौरान कांग्रेस ने कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई थी।
  • मतदान एजेंटों की मौजूदगी और मतदान प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर आयोग ने कहा कि कांग्रेस समेत सभी दलों के बूथ एजेंट मतदान केंद्रों पर मौजूद थे और किसी ने अनियमितता की शिकायत नहीं की।

आयोग ने कहा कि बार-बार वही आधारहीन आरोप लगाकर तथ्यों को अनदेखा करना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने चेतावनी दी कि गलत सूचना फैलाना लोकतंत्र के लिए खतरा है और इससे चुनावी प्रक्रिया में विश्वास कम होता है।

आयोग ने कांग्रेस और राहुल गांधी से अपेक्षा की कि वे चुनावी प्रक्रिया का सम्मान करें और यदि कोई वास्तविक शिकायत हो, तो उसे स्थापित प्रक्रिया के तहत उचित मंचों पर उठाएं, बजाय इसके कि सार्वजनिक रूप से भ्रामक बयान देकर लोकतांत्रिक संस्थाओं की साख पर सवाल उठाएं।

यह भी पढ़ें:

मत लड़ो हम मध्यस्थता कर सकते है, ट्रंप-मस्क विवाद पर रूस की चुटकी

चीन पर निर्भरता घटाने की तैयारी, पांच मध्य एशियाई देशों के साथ मिलकर करेगा भारत !

ठाकरे-मनसे युति से महायुति के राजनीतिक यश पर कोई असर नहीं पड़ेगा

कैसे एक पूर्व पाकिस्तानी पुलिस अधिकारी बना भारतीय यूटूबर्स और ISI के बीच पुल

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

The reCAPTCHA verification period has expired. Please reload the page.

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

151,331फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
288,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें