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Sunday, June 23, 2024
होमदेश दुनिया"बाबरी मस्जिद मेरी थी, है और रहेगी", असदुद्दीन औवेसी का बयान!

“बाबरी मस्जिद मेरी थी, है और रहेगी”, असदुद्दीन औवेसी का बयान!

सुप्रीम कोर्ट द्वारा राम जन्मभूमि के पक्ष में फैसला सुनाए जाने के बाद अब उस स्थान पर मंदिर खड़ा है| AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी का बयान सामने आया है​|​ विवाद छिड़ने के संकेत हैं। उन्होंने कहा है कि महात्मा गांधी ने भी इस बात का जिक्र नहीं किया था कि उस जगह पर कोई मंदिर था​|​

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6 दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद ढहा दी गई| साथ ही उससे पहले रथयात्रा के जरिए राम मंदिर आंदोलन की शुरुआत की गई थी| उसके लिए कार सेवा भी की गई|बाबरी के पतन के बाद इसका असर भारत पर भी पड़ा| ये सब कुछ होने के बाद ये विवाद सुप्रीम कोर्ट में चला गया| सुप्रीम कोर्ट द्वारा राम जन्मभूमि के पक्ष में फैसला सुनाए जाने के बाद अब उस स्थान पर मंदिर खड़ा है| AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी का बयान सामने आया है​|​ विवाद छिड़ने के संकेत हैं। उन्होंने कहा है कि महात्मा गांधी ने भी इस बात का जिक्र नहीं किया था कि उस जगह पर कोई मंदिर था​|​

ओवैसी ने आख़िर क्या कहा?: 500 साल से मुसलमान बाबरी मस्जिद में नमाज़ पढ़ते आ रहे हैं। कांग्रेस के मुख्यमंत्री जी.बी.पन्त ने रात के अँधेरे में मूर्तियाँ वहीं रख दीं। बाबरी मेरी मस्जिद थी, है और रहेगी, लेकिन मूर्तियां नहीं हटाई गईं| तब नायर नाम का एक वकील था,जिसने मूर्ति पूजा की शुरुआत की। इसके बाद वह जनसंघ से सांसद बने|

मस्जिद 1986 में खोली गई थी। 6 दिसंबर 1992 को ​भाजपा​ ने बाबरी विध्वंस किया था​|​ भाजपा​ के पास ये मुद्दा 1989 में आया​, जब विश्व हिंदू परिषद की स्थापना हुई तो राम मंदिर कहां था? यहां तक कि महात्मा गांधी ने भी नहीं बताया कि वहां राम मंदिर है​,जब नाथूराम गोडसे ने उन्हें मारा तो उन्होंने कहा कि वह राम हैं।

बाबरी को हमसे छीन लिया गया: बाबरी मस्जिद को योजनाबद्ध तरीके से पूरे भारत में मुसलमानों से छीन लिया गया। सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि हम आस्था और विश्वास के मुद्दे पर मुसलमानों को यह सीट नहीं दे सकते। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा है कि मस्जिद वहां मौजूद मंदिर को तोड़कर नहीं बनाई गई थी| यह बात सुप्रीम कोर्ट के फैसले में कही गई है| इस नतीजे के बाद अन्य मुद्दे भी शुरू हो जायेंगे| संघ परिवार कह रहा है कि इस जगह पर कोई मस्जिद नहीं थी|

मेरे पास उन लोगों के लिए प्रश्न हैं जो खुद को धर्मनिरपेक्ष मानते हैं: जी.बी.पंत ने मूर्तियां वहां से हटा दी होती तो क्या यह दिन आता? अगर 6 दिसंबर को बाबरी न ढहाई गई होती तो क्या ये दिन आता? इसका जवाब कोई नहीं देता, जो लोग खुद को धर्मनिरपेक्ष मानते हैं उन्हें मेरे सवालों का जवाब देना चाहिए।’

हर कोई राय चाहता है| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुसलमानों को भारतीय राजनीति में उनकी जगह बता रहे हैं| ”ऐसा बयान असदुद्दीन औवेसी ने दिया है|औवेसी ने यह बयान तब दिया जब असदुद्दीन औवेसी से कर्नाटक के कलबुर्गी में राम मंदिर के लोकार्पण समारोह को लेकर उनकी प्रतिक्रिया मांगी गई|

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