सुभाषचंद्र बोस अजित पवार तक वायु दुर्घटना में मारे गए भारत के यह बड़े नेता!

सुभाषचंद्र बोस अजित पवार तक वायु दुर्घटना में मारे गए भारत के यह बड़े नेता!

From Subhas Chandra Bose to Ajit Pawar, these are the prominent Indian leaders who died in air accidents!

महाराष्ट्र के दिग्गज राजनीतिक नेता और उपमुख्यमंत्री अजित पवार (66) की आज बारामती में एक दर्दनाक विमान दुर्घटना में मौत हो गई, जिससे पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई। राष्ट्रीवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के वरिष्ठ नेता उन पाँच लोगों में शामिल थे, जो एक चार्टर्ड बॉम्बार्डियर लियरजेट 45 विमान में सवार थे, जो आपात लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त होकर आग के गोले में तब्दील हो गया। दुर्घटना में कोई भी जीवित नहीं बचा।

मुंबई से बारामती जा रहा विमान सुबह लगभग 8:40-8:46 बजे निर्धारित लैंडिंग से कुछ देर पहले तकनीकी समस्या का शिकार हुआ। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने विमान में सवार सभी लोगों की मौत की पुष्टि की, जिनमें उपमुख्यमंत्री अजित पवार, पायलट कैप्टन सुमित कपूर और कैप्टन शांभवी पाठक, सुरक्षा अधिकारी विधिप जाधव और फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली शामिल है। बचाव अभियान तुरंत शुरू किया गया, लेकिन भीषण आग के कारण किसी के बचने की कोई संभावना नहीं थी।

सुभाषचंद्र बोस अजित पवार तक वायु दुर्घटना में मारे गए भारत के यह बड़े नेता

अजित पवार की असामयिक मृत्यु भारत के उस दुखद इतिहास में एक और अध्याय जोड़ती है, जिसमें कई प्रमुख नेता विमान दुर्घटनाओं में जान गंवा चुके हैं।

भारत की राजनीतिक दुनिया में विमान दुर्घटनाओं के कारण कई महान नेताओं की असामयिक मौतें हुई हैं। 28 जनवरी 2026 को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की बारामती में लियरजेट 45 दुर्घटना में मौत ने इस दुखद श्रृंखला को फिर से चर्चा में ला दिया है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस से लेकर आधुनिक नेताओं तक, ये घटनाएँ यह दर्शाती हैं कि सत्ता और जिम्मेदारी के साथ हवाई यात्रा का जोखिम भी जुड़ा रहता है।

१ . नेताजी सुभाष चंद्र बोस:

यह श्रृंखला की शुरुआत नेताजी सुभाष चंद्र बोस से होती है, जो भारत के सबसे सम्मानित स्वतंत्रता सेनानियों में से एक थे। 18 अगस्त 1945 को, ब्रिटिश शासन के खिलाफ भारतीय राष्ट्रीय सेना का नेतृत्व करने वाले बोस जापानी सैन्य विमान में सवार थे, जो ताइहोकू (अब ताइपे, ताइवान) में टेकऑफ के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान ओवरलोड था, जिससे इंजन फेल हुआ और विस्फोट हुआ। आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार बोस की मृत्यु थर्ड-डिग्री जलने से हुई, हालांकि आज भी कुछ साजिश सिद्धांत उनकी जीवित रहने की बात करते हैं।

२.  संजय गांधी :

दशकों बाद, 1980 में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के छोटे पुत्र और कांग्रेस के उभरते नेता संजय गांधी की 23 जून को दिल्ली के सफदरजंग एयरपोर्ट के पास विमान दुर्घटना में मौत हो गई। वह पिट्स S-2A एरोबेटिक विमान उड़ा रहे थे और करतब के दौरान नियंत्रण खो बैठे। केवल 33 वर्ष की उम्र में उनकी मृत्यु ने भारतीय राजनीति में भारी हलचल पैदा कर दी और कांग्रेस की दिशा बदल दी।

३ . माधवराव सिंधिया:

30 सितंबर 2001 को ग्वालियर राजघराने के वंशज और वरिष्ठ कांग्रेस नेता माधवराव सिंधिया की उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में सेसना चार्टर्ड विमान दुर्घटना में मौत हो गई। वह कानपुर में एक राजनीतिक कार्यक्रम में जा रहे थे। जांच में खराब मौसम और नेविगेशन संबंधी समस्याओं को संभावित कारण बताया गया।

४ . वाई. एस. राजशेखर रेड्डी:

2009 में आंध्र प्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री वाई. एस. राजशेखर रेड्डी का हेलीकॉप्टर घने जंगलों में दुर्घटनाग्रस्त मिला, जिसे कोहरे में दिशा भ्रम का परिणाम बताया गया, और इस घटना ने राज्य में व्यापक अशांति पैदा की।

५. जनरल बिपिन रावत:

2021 में भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत अपनी पत्नी और सहयोगियों के साथ तमिलनाडु में खराब मौसम के दौरान सैन्य हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मारे गए, जिसके बाद सशस्त्र बलों की विमानन सुरक्षा में सुधार की प्रक्रिया शुरू हुई।

६. विजय रुपाणी: 

12 जून 2025 को गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी की मौत भारत की सबसे घातक विमान दुर्घटनाओं में से एक में हुई। एयर इंडिया फ्लाइट 171, बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर, अहमदाबाद से लंदन के लिए उड़ान भरते ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें 240 से अधिक यात्रियों और क्रू की जान गई। इस हादसे ने वाणिज्यिक विमानन सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए और भाजपा के एक अनुभवी नेता की जान चली गई।

७.  अजित पवार:

इस श्रृंखला की ताज़ा कड़ी 28 जनवरी 2026 को सामने आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का निजी लियरजेट 45 बारामती में आपात लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया और आग के गोले में बदल गया। 66 वर्षीय अजित पवार सहित विमान में सवार सभी पाँच लोगों की मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने विस्फोट और मलबा बिखरने की बात कही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह सहित कई राजनीतिक नेताओं ने उन्हें समर्पित लोक सेवक बताते हुए शोक व्यक्त किया।

हालांकि हेलीकॉप्टर दुर्घटनाओं में भी कई प्रमुख नेता मारे गए हैं, जैसे लोकसभा अध्यक्ष जी.एम.सी. बालयोगी (2002), , अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री डोरजी खांडू (2011) लेकिन फिक्स्ड-विंग विमान दुर्घटनाओं की यह श्रृंखला राजनीतिक दिग्गजों के बीच एक अलग और दुखद अध्याय बनाती है।

स्वतंत्रता सेनानियों, प्रधानमंत्री परिवार के सदस्यों, क्षेत्रीय सत्ता केंद्रों और शीर्ष सैन्य अधिकारियों तक फैली यह हवाई दुर्घटनाओं की श्रृंखला दर्शाती है कि तकनीकी प्रगति के बावजूद ऐसे हादसे हो सकतें है, जिनसें देश में शोक की लहर दौड़ा जाए।

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