आसाम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार (10 फरवरी) को वरिष्ठ कांग्रेस नेता जितेंद्र सिंह, भूपेश बघेल और गौरव गोगोई के खिलाफ ₹500 करोड़ का मानहानि का मुकदमा दायर किया। कांग्रेस की ओर से उनके और उनके परिवार पर कथित भूमि स्वामित्व को लेकर लगाए गए आरोपों के बाद उठाया गया है, जिन्हें मुख्यमंत्री ने पूरी तरह झूठा और दुर्भावनापूर्ण बताया है।
दरअसल कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने पिछले सप्ताह कहा था कि पार्टी द्वारा कराई गई एक जांच में यह सामने आया है कि मुख्यमंत्री सरमा और उनके परिवार के सदस्यों ने राज्य भर में लगभग 12,000 बीघा भूमि पर कब्जा कर रखा है। इन आरोपों के कुछ ही घंटों बाद मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया था कि बिना किसी ठोस सबूत के इस तरह के दावे किए गए हैं और इसके खिलाफ वे कानूनी कार्रवाई करेंगे।
Today, I have filed a defamation case seeking ₹500 crore in damages against Congress leaders Jitendra Singh, Bhupesh Baghel and Gaurav Gogoi for making false, malicious and defamatory allegations against me through a press conference. https://t.co/a9iLcghHiR
— Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) February 10, 2026
मंगलवार (10 फरवरी) को यह कानूनी चेतावनी औपचारिक रूप लेती दिखी,मुख्यमंत्री की ओर से ₹500 करोड़ हर्जाने की मांग के साथ मानहानि का मुकदमा दायर किया गया। मुख्यमंत्री सरमा ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर इस संबंध में जानकारी साझा करते हुए कहा, “आज मैंने कांग्रेस नेताओं जितेंद्र सिंह, भूपेश बघेल और गौरव गोगोई के खिलाफ मेरे विरुद्ध प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए लगाए गए झूठे, दुर्भावनापूर्ण और मानहानिकारक आरोपों के लिए ₹500 करोड़ के हर्जाने की मांग करते हुए मानहानि का मुकदमा दायर किया है।”
राजनीतिक तौर पर यह मामला असम की सियासत में टकराव को और तेज करने वाला माना जा रहा है। कांग्रेस जहां मुख्यमंत्री के खिलाफ आरोपों पर कायम है, वहीं सरमा ने अदालत का रुख कर यह संदेश दिया है कि वे अपनी छवि और प्रतिष्ठा पर किसी भी तरह के आरोप को कानूनी चुनौती देंगे। अब यह मामला न्यायिक प्रक्रिया के जरिए आगे बढ़ेगा और दोनों पक्षों की दलीलों पर अदालत का फैसला अहम होगा।
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