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Sunday, October 25, 2026
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गृह मंत्री शाह का आश्वासन, मिजोरम के शरणार्थियों को राहत देगी केंद्र सरकार!

इसके जवाब में अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार शरणार्थियों के भोजन और राहत कार्यों के लिए मिजोरम सरकार को 10 करोड़ रुपये मूल्य का चावल उपलब्ध कराएगी।

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा को आश्वासन दिया है कि केंद्र सरकार राज्य में रह रहे शरणार्थियों की राहत और सहायता के लिए 10 करोड़ रुपये मूल्य का चावल उपलब्ध कराएगी। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।

मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, शुक्रवार शाम नई दिल्ली में हुई बैठक के दौरान मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने गृह मंत्री को बताया कि मिजोरम में वर्तमान में मणिपुर, बांग्लादेश और म्यांमार से आए करीब 40,000 शरणार्थी रह रहे हैं।

इसके जवाब में अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार शरणार्थियों के भोजन और राहत कार्यों के लिए मिजोरम सरकार को 10 करोड़ रुपये मूल्य का चावल उपलब्ध कराएगी।

आधिकारिक दौरे पर दिल्ली पहुंचे मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने कर्तव्य भवन स्थित गृह मंत्री कार्यालय में अमित शाह से मुलाकात कर मिजोरम के विकास और जनकल्याण से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा की।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि सुरक्षा संबंधी व्यय (एसआरई) योजना के तहत मिजोरम को अन्य पूर्वोत्तर राज्यों की तरह सहायता नहीं मिल रही है, क्योंकि राज्य लंबे समय से उग्रवाद और कानून-व्यवस्था की समस्याओं से मुक्त और शांतिपूर्ण रहा है।

उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि मादक पदार्थों की तस्करी, सीमा पार अपराधों और बढ़ते साइबर अपराधों से निपटने के लिए एसआरई योजना का लाभ मिजोरम को भी दिया जाए।

गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री को प्रधानमंत्री पूर्वोत्तर विकास पहल (पीएम-डेवाइन) योजना के तहत अधिक परियोजना प्रस्ताव भेजने की सलाह दी और इन परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया।

मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने पड़ोसी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में आए शरणार्थियों के कारण उत्पन्न मानवीय चुनौतियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सीमित संसाधनों के बावजूद शरणार्थियों को आश्रय, भोजन, स्वास्थ्य सेवाएं और अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध करा रही है, लेकिन इसके लिए केंद्र सरकार से अतिरिक्त सहयोग की आवश्यकता है।

गौरतलब है कि फरवरी 2021 में म्यांमार में सैन्य तख्तापलट के बाद 30,000 से अधिक म्यांमार नागरिक मिजोरम में शरण ले चुके हैं। इसके अलावा बांग्लादेश के चिटगांव हिल ट्रैक्ट्स क्षेत्र से आए करीब 2,365 शरणार्थी भी राज्य के चार जिलों में रह रहे हैं।

मिजोरम ने मई 2023 से मणिपुर में मैतेई और कुकी-जो समुदायों के बीच हुई हिंसा के बाद विस्थापित हुए हजारों आदिवासी लोगों को भी शरण दी है। सीमित संसाधनों के बावजूद राज्य सरकार स्थानीय समुदायों और सामाजिक संगठनों के सहयोग से इन विस्थापितों को मानवीय सहायता प्रदान कर रही है।

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