मध्य-पूर्व में जारी युद्ध के चौथे सप्ताह में ईरान ने एक अनोखे और प्रतीकात्मक कदम के जरिए विश्व का ध्यान खींचा है। ईरान ने इज़राइल की ओर दागी जा रही बैलिस्टिक मिसाइलों पर स्पेन के प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज़ के युद्ध-विरोधी संदेश चिपकाए हैं।
ईरानी मीडिया के जरिए सामने आई तस्वीरों में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का एक जवान मिसाइल पर एक स्टिकर लगाते हुए दिख रहा है, जिसमें सांचेज़ की तस्वीर और उनका कथित बयान छपा है, “बेशक, यह युद्ध न केवल गैर-कानूनी है, बल्कि अमानवीय भी है। धन्यवाद, प्रधानमंत्री जी।” यह संदेश अंग्रेजी और फारसी दोनों भाषाओं में लिखा गया था।
🚨Breaking:🇮🇷🇪🇸 ⚡️ IRGC fighter. Pedro Sánchez stickers. On a ballistic missile. Filmed it. Shared it. Done. Follow @iranwarpulse for more breaking Iranian war news. #Iran #Spain #IRGC pic.twitter.com/CB7DFDzCir
— Iran War Pulse (@iranwarpulse) March 23, 2026
यह कदम उस बयान के कुछ दिनों बाद सामने आया है, जिसमें पेद्रो सांचेज़ ने “नो टु वॉर” कहते हुए अमेरिका-इज़राइल की सैन्य कार्रवाई की आलोचना की थी। उन्होंने इन हमलों को अनुचित, अवैध और खतरनाक करार दिया था। यूरोप के गिने-चुने नेताओं में शामिल सांचेज़ का यह रुख अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
BREAKING: Spain — PM Pedro Sánchez says Europe opposes the US and Israel’s “illegal” war in Iran.#Dhurandhar2 #ZeynepAtılgan#KHKlınınBayramı#ramazanhocayaözgürlükpic.twitter.com/6W3extwTVo
— Global Affairs 24 (@GlobalAffair24) March 20, 2026
ईरान द्वारा हथियारों पर संदेश लिखना या चिपकाना कोई नई बात नहीं है। इससे पहले भी ईरानी सैनिक मिसाइलों पर नारे लिखते हुए दिखाई दे चुके हैं, जिनमें मध्य-पूर्व से अमेरिकी सैन्य उपस्थिति समाप्त करने तक हमले जारी रखने की बात कही गई थी। हालांकि इस बार किसी यूरोपीय नेता के बयान का इस्तेमाल इस पूरे घटनाक्रम को और अधिक राजनीतिक बना देता है।
इस बीच, स्पेन ने भी अपने स्तर पर कुछ कड़े कदम उठाए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, स्पेन सरकार ने अमेरिका को रोटा नेवल बेस और मोरोन एयर बेस के इस्तेमाल की अनुमति देने से इनकार कर दिया है, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस फैसले पर नाराजगी जताते हुए स्पेन के साथ व्यापारिक संबंधों पर पुनर्विचार की चेतावनी दी है।
ब्रसेल्स में हाल ही में आयोजित यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन में भी पेद्रो सांचेज़ ने अपने रुख को दोहराते हुए कहा कि यह युद्ध न केवल अवैध है, बल्कि आम नागरिकों के लिए विनाशकारी साबित हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि इससे विस्थापन और आर्थिक अस्थिरता जैसे गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं। वहीं, भारत में स्पेन के राजदूत जुआन एंटोनियो मार्च पुजोल ने भी हाल ही में कहा कि मध्य-पूर्व में अस्थिरता का असर यूरोप तक पहुंच सकता है, जैसा कि सीरिया के गृहयुद्ध के दौरान देखने को मिला था।
28 फरवरी से जारी इस युद्ध में अब तक 2,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने सैन्य कार्रवाई तेज की, तो वह खाड़ी क्षेत्र में ऊर्जा और जल आपूर्ति से जुड़े महत्वपूर्ण ढांचों को निशाना बना सकता है। जवाब में डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे के भीतर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने का अल्टीमेटम दिया है, अन्यथा बिजली ढांचे पर हमले की चेतावनी दी है।
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