पत्रकारों से बातचीत में संजय शिरसाट ने कहा कि अलग गुट बनाने की प्रक्रिया काफी आगे बढ़ चुकी है। उन्होंने बताया कि सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद संबंधित सांसद खुद तय करेंगे कि उन्हें आगे किस राजनीतिक दल के साथ जाना है।
महाराष्ट्र सरकार के मंत्री ने कहा, “सांसदों ने अलग समूह बनाकर लोकसभा अध्यक्ष को इसकी जानकारी दे दी है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद वे तय करेंगे कि किस पार्टी में शामिल होना है। अगर वे एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में आना चाहते हैं, तो इस पर अंतिम फैसला उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे लेंगे। उनका जो भी निर्णय होगा, हम सभी उसे स्वीकार करेंगे।”
उन्होंने यह भी कहा कि अब यह मामला काफी हद तक उन सांसदों के हाथ में है।
उधर, शिवसेना (यूबीटी) में संभावित टूट की अटकलों के बीच पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य संजय राउत और लोकसभा सांसद अरविंद सावंत ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर संभावित बागियों को कड़ा संदेश दिया।
यह प्रेस कॉन्फ्रेंस नई दिल्ली स्थित संसद कार्यालय में शिवसेना (यूबीटी) संसदीय दल की महत्वपूर्ण बैठक से ठीक पहले आयोजित की गई थी।
महाराष्ट्र की राजनीति में इन घटनाक्रमों ने नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है और अब सभी की नजरें शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।
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