27.5 C
Mumbai
Wednesday, June 24, 2026
होमराजनीतिमायावती का भाषा विवाद पर संदेश, कहा ऐसी नीतियों से राज्यों और...

मायावती का भाषा विवाद पर संदेश, कहा ऐसी नीतियों से राज्यों और केंद्र के बीच टकराव स्वाभाविक

गुड गवर्नेंस वही होता है जो पूरे देश को संविधान के अनुसार साथ लेकर चलता है।

Google News Follow

Related

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने आज एक बार फिर सामाजिक और राजनीतिक विमर्श में अपनी स्पष्ट भूमिका निभाई। हाल के दिनों में देशभर में उठे भाषा विवाद पर मायावती ने न केवल अपनी राय रखी बल्कि सरकार और अन्य राजनीतिक दलों को जनहित की बुनियादी समझ भी याद दिलाई।

मायावती ने शनिवार(19 अप्रैल) को ‘एक्स’ (पूर्व ट्विटर) पर जारी बयान में महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल जैसे राज्यों में बसपा संगठन को मजबूत करने के लिए दिल्ली में हुई अहम बैठक का ज़िक्र किया। उन्होंने बताया कि पार्टी कार्यकर्ताओं ने इन राज्यों में संगठन को विस्तार देने, जनाधार बढ़ाने और पूरी निष्ठा से पार्टी के दिशा-निर्देशों पर काम करने का संकल्प लिया।

मायावती ने भाषा विवाद को लेकर कहा कि, “जनगणना, लोकसभा सीटों का पुनः आवंटन, नई शिक्षा नीति और भाषा थोपने जैसी सरकारी नीतियों से राज्यों और केंद्र के बीच टकराव स्वाभाविक है। यह न सिर्फ जनहित को नुकसान पहुंचा रहा है, बल्कि देशहित पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है।” उन्होंने कहा कि गुड गवर्नेंस वही होता है जो पूरे देश को संविधान के अनुसार साथ लेकर चलता है।

उन्होंने यह भी चेताया कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब, दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्ग के बच्चों को अगर अंग्रेजी भाषा का ज्ञान नहीं दिया गया तो वे आईटी और अन्य स्किल्ड क्षेत्रों में पिछड़ जाएंगे। “भाषा के प्रति नफरत अनुचित है,” उन्होंने दोहराया।

मायावती ने अपने पोस्ट में समाजवादी पार्टी (सपा) पर भी करारा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा दलितों को आगे रखकर “तनाव व हिंसा का माहौल” पैदा करती है और दलित वोटों के लिए किसी भी स्तर तक गिर सकती है। उन्होंने दलितों, अन्य पिछड़े वर्गों और मुस्लिम समुदाय से अपील की कि वे “इनके बहकावे में न आएं” और इनकी राजनीतिक चालों का शिकार न बनें।

मायावती ने यह भी कहा कि सपा से जुड़े दलित नेताओं को दूसरों के इतिहास पर टिप्पणी करने की बजाय अपने महापुरुषों और गुरुओं की शिक्षाओं और संघर्ष को सामने लाना चाहिए—क्योंकि उन्हीं की वजह से वे लोग आज किसी मुकाम पर हैं।

यह भी पढ़ें:

हैरी पॉटर की लेखिका ने क्यों की ट्रांसजेंडर अधिकारों पर असर डालने वाले केस में फंडिंग?

नक्सल मुक्त हुआ बस्तर का यह गांव भाजपा नेता ने जाहिर की ख़ुशी !

यूनिवर्सिटी में प्यून जांचता था आंसर शीट, वीडिओ वारयल होने के दो महीने बाद कारवाई!

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

151,278फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
317,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें