इस बैठक में राष्ट्रीय स्तर के विभिन्न क्षेत्रों में हुए सामाजिक और राजनीतिक परिवर्तनों और नई शिक्षा नीति पर चर्चा की गई। सुनील आंबेकर ने कहा कि जनहित में किए जाने वाले कार्य सतत प्रक्रिया हैं और सभी संबंधित संगठन इनके प्रति सदैव सजग रहते हैं।
आंबेकर ने कहा कि हम लोगों से जुड़ रहे हैं और जहां तक संभव हो, जागरूकता फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। मूलतः, हम सभी में जो एकता की भावना है, वह लोगों के मिलने, साथ चलने और इन विचारों को समझने से बढ़ती है। इसके लिए संघ द्वारा निरंतर पहल की जा रही है और विभिन्न संबद्ध समूह भी इसमें योगदान दे रहे हैं।
उन्होंने बताया कि बैठक में राष्ट्रीय स्तर के विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। सभी संगठनों ने विभिन्न क्षेत्रों में किए जा रहे प्रयासों और विचारों को साझा किया। साथ में महिलाओं की भूमिका बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। इसके साथ ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जिन महिलाओं ने विभिन्न क्षेत्रों में कार्यक्रमों का आयोजन किया, उसके बारे में चर्चा की गई।
नई शिक्षा नीति को लेकर विशेष चर्चा हुई, जिसमें शिक्षा के भारतीयकरण और संघ के विशेष शिक्षक संगठन किस तरह से शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं, उनके प्रयास और नवाचार के बारे में चर्चा की गई।
उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष में देश के विभिन्न क्षेत्रों में हुए सामाजिक और राजनीतिक परिवर्तनों के बारे में भी चर्चा हुई, जिसमें पंजाब में बढ़ रही नशे की प्रवृत्ति और किस तरह से संघ कार्य कर युवाओं को इस प्रवृत्ति से बाहर निकाल रहा है, इसको लेकर चर्चा की गई। पंजाब सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों में बाढ़ के हालातों को लेकर संघ द्वारा किए जा रहे कार्यों को लेकर भी चर्चा की गई।
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