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Saturday, June 20, 2026
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मुझसे ज्यादा ताकतवर कोई नहीं, ईरान समझौते पर ट्रंप का आक्रामक बयान!

ट्रंप ने कहा कि अगर हमने यह डील नहीं की होती, तो हम अगले तीन हफ्ते, चार हफ्ते, दो साल तक और बम गिरा सकते थे। होर्मुज स्ट्रेट कभी नहीं खुलता।

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को ईरान के साथ हुए समझौते को ऐतिहासिक कूटनीतिक उपलब्धि बताया। उन्होंने दावा किया कि इस समझौते ने मध्य पूर्व में व्यापक युद्ध को टाल दिया, होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने का रास्ता बनाया और ईरान को स्थायी रूप से परमाणु हथियार हासिल करने से रोक दिया।

ट्रंप ने फ्रांस में जी7 समिट के बाद एक लंबी प्रेस कॉन्फ्रेंस में बार-बार इस समझौते को सैन्य ताकत और कूटनीतिक तालमेल से मुमकिन हुई एक बड़ी कामयाबी बताते हुए कहा, “रविवार को हम ईरान के साथ एक समझौते पर पहुंचे, जिससे वह सब कुछ हासिल हुआ जो हम हासिल करना चाहते थे।

ट्रंप ने कहा कि अगर हमने यह डील नहीं की होती, तो हम अगले तीन हफ्ते, चार हफ्ते, दो साल तक और बम गिरा सकते थे। होर्मुज स्ट्रेट कभी नहीं खुलता। लगातार सैन्य कार्रवाई से खाड़ी में अस्थिरता बनी रहती और वैश्विक ऊर्जा बाजार में रुकावट आती।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने बार-बार इस समझौते को तेल की कीमतों में गिरावट और शेयर बाजार में तेजी से जोड़ते हुए कहा कि जब भी किसी समझौते की संभावना मजबूत हुई, निवेशकों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने कहा, “हर बार जब हमने शांति की संभावना पर बात की, शेयर बाजार रॉकेट की तरह ऊपर चला गया।” उन्होंने उन रूढ़िवादी आलोचकों की टिप्पणी को भी खारिज कर दिया, जो मानते थे कि ईरान पर सैन्य दबाव बनाए रखा जाना चाहिए था।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने 2020 में ईरानी सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी को मारने के अपने फैसले और ईरानी सेना और परमाणु सुविधाओं पर हाल के हमलों की ओर इशारा करते हुए कहा कि मुझसे ज्यादा ताकतवर कोई नहीं था।

राष्ट्रपति ने कहा कि यह समझौता ईरान को परमाणु हथियार बनाने या हासिल करने से रोकेगा। ईरान इस बात पर सहमत हो गया है कि वे न तो परमाणु हथियार बनाएंगे और न ही खरीदेंगे। अगर वे समझौते का सम्मान नहीं करते हैं तो हम शायद तब तक उन पर बमबारी करते रहेंगे जब तक वे इसका सम्मान नहीं करते।

ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान को आर्थिक राहत उसके व्यवहार पर निर्भर करेगी। उन्होंने कहा, “अगर वे सही काम कर रहे हैं, अगर लोग निवेश करना चाहते हैं तो वे निवेश कर सकते हैं लेकिन हम पैसा नहीं लगा रहे हैं।”

समझौते का बचाव करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने माना कि यह एक एमओयू है, जो बहुत जरूरी है।

अमेरिकी मीडिया द न्यूयॉर्क टाइम्स में प्रकाशित एक विश्लेषण के अनुसार, यह समझौता कई हफ्तों तक चले सैन्य टकराव से हटकर प्रतिरोधक क्षमता (डिटरेंस) और बातचीत के जरिए अनुपालन सुनिश्चित करने वाले ढांचे की ओर एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देता है।

अमेरिकी मीडिया ने कहा कि ट्रंप सरकार इस आकलन पर दांव लगा रही है कि भविष्य में दोबारा सैन्य कार्रवाई की आशंका ही समझौते को लागू कराने के लिए पर्याप्त होगी और इसके लिए किसी औपचारिक संधि (ट्रीटी) ढांचे की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

वाशिंगटन पोस्ट ने इस समझौते को ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की सबसे अहम विदेश नीति पहलों में से एक बताया। व्हाइट हाउस सैन्य दबाव से डिप्लोमैटिक नतीजे मिलने की उम्मीद जता रहा है।

वॉल स्ट्रीट जर्नल ने कहा कि सरकार का यह तर्क कि होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने और वैश्विक तेल सप्लाई में रुकावट के खतरे को कम करने से मिडिल ईस्ट के अलावा भी बड़े आर्थिक फायदे हो सकते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि यह डील एक बड़े क्षेत्रीय समझौते की नींव बन सकता है।

उन्होंने कहा, “जैसा कि मैंने इस हफ्ते दुनिया के नेताओं से कहा, मुझे उम्मीद है कि यह शांति समझौता पूरे मिडिल ईस्ट में एक बहुत बड़ी डील की शुरुआत होगी।”

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