पीएम मोदी ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की पोस्ट को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर रिपोस्ट करते हुए लिखा, ”योग एक बार फिर लोगों को साथ लाता है। आंध्र प्रदेश के लोगों को बधाई, जिस तरह से उन्होंने योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाने के लिए आंदोलन को मजबूत किया है। योगांध्र पहल और विशाखापत्तनम में कार्यक्रम, जिसमें मैंने भी भाग लिया, हमेशा कई लोगों को अच्छे स्वास्थ्य और कल्याण के लिए प्रेरित करेगा।”
इससे पहले ‘योगांध्र 2025’ कार्यक्रम के गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराने पर मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने इसे आंध्र प्रदेश के नागरिकों की उपलब्धि बताया।
उन्होंने कहा, “मैं आप सभी का धन्यवाद अदा करता हूं, जिन्होंने इसे संभव बनाया। आपका उत्साह और समर्पण प्रेरणादायक रहा। यह रिकॉर्ड दिखाता है कि जब हम एकजुट होकर काम करते हैं, तो क्या हासिल कर सकते हैं। सभी को बधाई।”
भारत सरकार की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में कुल 3,00,105 लोगों ने हिस्सा लिया। इसने अब तक के सबसे बड़े योग सत्र का रिकॉर्ड बनाया। प्रधानमंत्री मोदी ने आरके बीच पर आयोजित कॉमन योग प्रोटोकॉल का प्रदर्शन कर प्रतिभागियों का नेतृत्व किया। इस दौरान उनके साथ मुख्यमंत्री नायडू, डिप्टी सीएम पवन कल्याण, राज्यपाल एस. अब्दुल नजीर और केंद्रीय व राज्य मंत्री शामिल हुए।
यह आयोजन आरके बीच से भोगापुरम तक 28 किमी के क्षेत्र में हुआ। इसने 2023 में सूरत में 1.47 लाख प्रतिभागियों के साथ बने रिकॉर्ड को तोड़ा। मुख्य आयोजन से एक दिन पहले विशाखापत्तनम ने 22,122 आदिवासी छात्रों के एक साथ प्रदर्शन के साथ सबसे बड़े सिंक्रोनाइज्ड सूर्य नमस्कार का एक अन्य गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया।
इसके अलावा राज्य ने विश्व रिकॉर्ड बुक में 21 मान्यताएं हासिल कीं, जो इसकी संगठनात्मक उत्कृष्टता और जन उत्साह को दर्शाती हैं।
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