प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार (28 मई) को आयोजित प्रगति बैठक की अध्यक्षता करते हुए 62,000 करोड़ रुपये से अधिक की इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की समीक्षा की। बैठक में सड़क, बिजली, जल संसाधन और सेमीकंडक्टर जैसे विविध क्षेत्रों की प्रमुख परियोजनाएं शामिल थीं। इसकी जानकारी प्रधानमंत्री ने गुरुवार(29 मई) को सोशल मीडिया मंच एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा की।
प्रधानमंत्री ने पोस्ट में लिखा,”कल प्रगति बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें 62,000 करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं की समीक्षा की गई, जो सड़क, बिजली, जल संसाधन, सेमीकंडक्टर जैसे विविध क्षेत्रों से संबंधित हैं। सभी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को समय पर पूरा करने पर जोर दिया गया। रेरा से जुड़ी शिकायतों पर भी चर्चा हुई। घर खरीदने वालों के लिए न्याय सुनिश्चित करना हमारी सरकार की प्राथमिकता है।”
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने तीन प्रमुख परियोजनाओं की विस्तार से समीक्षा की, जो देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में संचालित हो रही हैं। उन्होंने इन परियोजनाओं को रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण बताया और यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया कि कोई भी कार्य बाधित न हो और सब कुछ समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि परियोजनाओं में देरी से लागत में वृद्धि होती है और नागरिकों को मूलभूत सुविधाओं से वंचित होना पड़ता है। उन्होंने सभी संबंधित एजेंसियों और अधिकारियों से दक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम करने का आग्रह किया।
Chaired a PRAGATI meeting yesterday, where projects worth over Rs. 62,000 crore were reviewed, covering diverse sectors like roads, power, water resources, semiconductors and more. Emphasised on ensuring all infra projects are completed on time. Also deliberated on RERA-related…
— Narendra Modi (@narendramodi) May 29, 2025
बैठक में रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (रेरा) से जुड़ी जन शिकायतों पर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने कहा कि घर खरीदारों को न्याय और सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने राज्य सरकारों से रेरा अधिनियम के तहत सभी पात्र परियोजनाओं का अनिवार्य पंजीकरण सुनिश्चित करने को कहा।
पीएम मोदी ने यह भी स्पष्ट किया कि रेरा कानून का सख्ती से पालन करना जरूरी है ताकि रियल एस्टेट क्षेत्र में निवेशकों और आम जनता का विश्वास बहाल हो सके।
‘प्रगति (Pro-Active Governance and Timely Implementation)’ मंच प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गई एक आईसीटी आधारित बहु-मॉडल प्लेटफॉर्म है, जिसका उद्देश्य नीतिगत मुद्दों और परियोजना क्रियान्वयन की निगरानी करना है। इस मंच के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकारों के बीच समन्वय स्थापित करते हुए समयबद्ध विकास को बढ़ावा दिया जाता है।
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