लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कोलंबिया के EIA विश्वविद्यालय में आयोजित एक संवाद कार्यक्रम में भारत पर चिंता व्यक्त करते हुए भारत को उत्पादन करने में असमर्थ बताया है। उन्होंने कहा किभारत में आर्थिक विकास के बावजूद, हम रोजगार देने में असमर्थ हैं, क्योंकि हमारी अर्थव्यवस्था सेवा-आधारित है और हम उत्पादन करने में असमर्थ हैं। साथ ही नेता प्रतिपक्ष ने कहा भारत में कई धर्म, भाषाएं और परंपराएं हैं, और लोकतांत्रिक प्रणाली इन्हें एक साथ रहने का अवसर देती है। लेकिन वर्तमान समय में भारत में लोकतंत्र पर हर तरफ से हमला हो रहा है।
भारत की वैश्विक भूमिका पर पूछे जाने पर राहुल गांधी ने कहा कि भारत की 1.4 अरब की आबादी में अपार संभावनाएं हैं, लेकिन भारत का ढांचा चीन से बिल्कुल अलग है। चीन एक केंद्रीकृत और एकरूप प्रणाली वाला देश है, जबकि भारत में अनेक भाषाएं, संस्कृतियां, परंपराएं और धर्म हैं। भारत की व्यवस्था कहीं अधिक जटिल है।
अमेरिका के संदर्भ में राहुल गांधी ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ध्रुवीकरण अभियान अधिकतर बेरोजगार लोगों पर केंद्रित है। इसी बीच भारत पर के उत्पादन क्षमता पर टिपण्णी करते हुए उन्होंने कहा,”भारत में आर्थिक विकास के बावजूद, हम रोजगार देने में असमर्थ हैं, क्योंकि हमारी अर्थव्यवस्था सेवा-आधारित है और हम उत्पादन करने में असमर्थ हैं।”
राहुल गांधी ने कहा कि भारत दुनिया को बहुत कुछ दे सकता है और वह इसके प्रति आशावादी हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि भारतीय संरचना में कुछ कमियां और जोखिम भी हैं, जिनसे पार पाना जरूरी है। उनका कहना था कि वर्तमान में सबसे बड़ा जोखिम लोकतंत्र पर हो रहे हमले का है।
कांग्रेस सांसद ने बताया कि भारत संवाद का केंद्र है और विभिन्न परंपराओं, धर्मों और विचारों को स्थान देने का सबसे अच्छा तरीका लोकतांत्रिक व्यवस्था है। उन्होंने इंजीनियरिंग छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत चीन का पड़ोसी और अमेरिका का घनिष्ठ साझेदार है, और हम ऐसे समय में खड़े हैं जब वैश्विक ताकतें आपस में टकरा रही हैं।
यह भी पढ़ें:
नासिक दशहरा: बारिश से उत्सव फीका, फूल किसानों को भारी नुकसान!
सरकार शटडाऊन के बीच अमेरिका ने 100% दवा आयात शुल्क किया स्थगित!
जैसलमेर विजयादशमी: बीएसएफ का शस्त्र पूजन, जवानों ने बढ़ाया मनोबल!



