दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक हाई-प्रोफाइल मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दायर चार्जशीट का संज्ञान लेते हुए कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा के पति और व्यवसायी रॉबर्ट वाड्रा समेत कुल 11 लोगों को नोटिस जारी किया है।
यह मामला हरियाणा के गुरुग्राम स्थित शिकोहपुर गांव में 3.53 एकड़ ज़मीन की खरीद-फरोख्त से जुड़ा है। प्रवर्तन निदेशालय ने आरोप लगाया है कि यह ज़मीन धोखाधड़ी के ज़रिए खरीदी गई और अपराध की आय को कई कंपनियों के माध्यम से घुमाया गया, जो वाड्रा के नियंत्रण में थीं।
ईडी ने रॉबर्ट वाड्रा और उनकी कंपनी मेसर्स स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ी कुल 43 संपत्तियों को अटैच किया है, जिनकी कुल कीमत ₹37.64 करोड़ बताई जा रही है।
इस केस की शुरुआत वर्ष 2008 में गुरुग्राम पुलिस द्वारा दर्ज की गई एक FIR से हुई थी, जिसमें आरोप लगाया गया कि वाड्रा की कंपनी ने ₹7.5 करोड़ में मेसर्स ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड से ज़मीन खरीदी थी, जिसमें फर्जी घोषणा का इस्तेमाल किया गया। विवाद तब और बढ़ा जब 2012 में यही ज़मीन DLF लिमिटेड को ₹58 करोड़ में बेची गई, जिससे इस सौदे की वैधता और नैतिकता पर सवाल उठे।
मामला और गरमाया जब हरियाणा के तत्कालीन भूमि समेकन एवं पंजीकरण निदेशक अशोक खेमका ने इस लेनदेन की म्युटेशन रद्द कर दी, जिसमें राज्य सरकार के नियमों के उल्लंघन की बात कही गई थी। खेमका के इस कदम ने न सिर्फ प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी, बल्कि देशभर में राजनीतिक बहस भी छेड़ दी। अब इस मामले में वाड्रा का पक्ष 28 अगस्त को अदालत में पेश किया जाएगा, जो अगली सुनवाई की तारीख भी है। माना जा रहा है कि इस सुनवाई पर पूरे देश की राजनीतिक और कानूनी नज़रें टिकी होंगी।
यह भी पढ़ें:
मीठी नदी सफाई घोटाला: EWO ने दाखिल की 7,000 पन्नों की चार्जशीट!
नेशनल फिल्म अवॉर्ड में ‘द केरला स्टोरी’ को सम्मानित किए जाने पर भड़के सीएम पिनराई विजयन !
मुंबई: IIT बॉम्बे के छात्र ने 10वीं मंज़िल से कूदकर की ख़ुदकुशी !



