28.3 C
Mumbai
Monday, August 3, 2026
होमदेश दुनियाकांवड़ व्यवस्था पर भड़के संजय निरुपम, पुलिस सेवा पर उठाए सवाल!

कांवड़ व्यवस्था पर भड़के संजय निरुपम, पुलिस सेवा पर उठाए सवाल!

कांवड़ यात्री तपस्या कर रहे होते हैं और सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलते हैं। उनके पैरों में छाले पड़ जाते हैं। उनके पैरों में छाले पड़ जाते हैं।

Google News Follow

Related

कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़ियों के लिए की जा रही व्यवस्था, फल, शीतल पेयजल और अन्य आवश्यक सामग्री वितरित किए जाने पर उठ रहे सवालों पर शिवसेना नेता संजय निरुपम ने पुलिसकर्मियों का बचाव करते हुए कहा कि पुलिस भी हिंदू है। आखिर कांवड़ियों की सेवा करने से एतराज क्यों है?

आईएएनएस से बातचीत में संजय निरुपम ने कहा कि सावन का महीना चल रहा है। देश के कोने-कोने के शिवभक्त कांवड़ लेकर निकलते हैं और भगवान शिव का अभिषेक करते हैं। कांवड़ यात्री तपस्या कर रहे होते हैं और सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलते हैं। उनके पैरों में छाले पड़ जाते हैं। ऐसे में वह साक्षात शिव के स्वरूप बन जाते हैं और ऐसे तपस्वियों का अगर पुलिस पैर धो रही है, तो गलत क्या है?

उन्होंने कहा कि पुलिस भी हिंदू है, पुलिस गैर-हिंदू नहीं है। पुलिस का भी एक धर्म है। अगर हिंदू धर्म मानने वाले पुलिसकर्मी श्रद्धा और भक्ति की वजह से कांवड़ियों की सेवा कर रहे हैं तो यह शिव की सेवा है। शिव की सेवा करने का अधिकार सबको है।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान अभद्र टिप्पणी करने वाले छात्रों और बच्चों को प्रधानमंत्री मोदी द्वारा माफ किए जाने पर संजय निरुपम ने कहा कि भटके हुए नौजवानों और नवयुवतियों ने पीएम मोदी और उनकी स्वर्गीय माताजी के लिए जिस तरह के अपशब्दों का इस्तेमाल किया था, निश्चित तौर पर किसी को भी झकझोर देने वाला था। पूरे देश को आहत करने वाला था।

इस घटना से पीएम मोदी को पसंद करने वाले, उनका आदर करने वाले लोग बहुत दुखी थे। कानून अपना काम कर रहा था और पुलिस एक्शन ले रही थी, लेकिन पीएम मोदी ने एक वीडियो संदेश के माध्यम से अपने बड़े दिल का परिचय दिया।

उन्होंने साफ कहा कि कुछ बच्चे भटके हुए थे, उन्हें पता नहीं था कि वे क्या कर रहे हैं। बचपन में गलतियां होती हैं, उन्हें माफ कर देना चाहिए। प्रधानमंत्री ने गालीबाज ‘जेनजी’ को माफ कर दिया और सुधरने का एक मौका देने की बात कही है। उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष पीएम मोदी के इस आचरण पर सवाल उठाता है तो इससे गलत कुछ नहीं हो सकता है।

संजय निरुपम ने कहा कि प्रधानमंत्री सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने में माहिर हैं। उन्होंने 2014 से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का अच्छे तरीके से इस्तेमाल किया है और इससे वह लोगों तक पहुंचे। इंस्टाग्राम इस वक्त ऐसा प्लेटफॉर्म है, जहां देश ही नहीं बल्कि दुनिया के नौजवान एक्टिव हैं।

वहीं पर ये नौजवान अपनी खास भाषा शैली में एक-दूसरे से बातचीत करते हैं। प्रधानमंत्री ने भी उसी माध्यम को चुना और देश के जेनजी से संपर्क कर रहे हैं, यह समझदारी से लिया गया फैसला है।

राम मंदिर मामले को लेकर विपक्ष के संसद परिसर में किए गए प्रदर्शन पर संजय निरुपम ने राहुल गांधी और पप्पू यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पप्पू यादव और राहुल गांधी दोनों एक ही तरह के इंसान हैं। दोनों सनातन विरोधी हैं। दोनों भारत विरोधी और हिंदू विरोधी हैं। इन्हें सिर्फ सनातन का विरोध करने का मौका चाहिए होता है।

उन्होंने कहा कि अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले से हर कोई आहत है, लेकिन जिस तरह से विपक्ष ने संसद परिसर में नाटक किया, वह असंसदीय और अशोभनीय भी है। पप्पू यादव भगवा धारण करके चंदा चोरी करते दिखाए जा रहे हैं। चंदा देने वालों में सबसे पहले राहुल गांधी दिखाई दिए। सवाल यह है कि क्या अयोध्या चोरी मामले में भगवाधारी साधु और संत शामिल थे?

उन्होंने कहा कि मामले की एसआईटी जांच चल रही है। जिन लोगों पर चोरी की आशंका है, उनमें से कोई भी साधु नहीं है। साधु संत यह सब कर ही नहीं सकते, लेकिन पप्पू यादव ने साधु-संतों को अपमानित करने का मौका मौका खोज लिया।

यह भी पढ़ें-

कुलगाम आतंकी हमले पर एलजी सिन्हा की उच्चस्तरीय सुरक्षा बैठक!

पीएम मोदी पर टिप्पणी करने वाली युवती ने मांगी सार्वजनिक माफी!

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

150,883फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
325,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें