तमिलनाडु की राजनीति में रविवार(10) को ऐतिहासिक अध्याय जुड़ चूका है, अभिनेता से नेता बने सी जोसेफ विजय ने राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में आयोजित भव्य समारोह में तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) प्रमुख विजय ने पद और गोपनीयता की शपथ लेते हुए तमिलनाडु के पहले गैर-द्रविड़ मुख्यमंत्री के रूप में इतिहास रच दिया। लगभग छह दशकों बाद राज्य में किसी गैर-द्रविड़ दल के नेता ने सत्ता संभाली है।
सफेद शर्ट, ब्लेज़र और काले ट्राउजर में पहुंचे विजय ने जैसे ही शपथ पढ़ना शुरू किया पूरा स्टेडियम तालियों और नारों से गूंज उठा। उनके समर्थकों के लिए यह पल किसी फिल्मी क्लाइमेक्स से कम नहीं था। स्टेडियम के बाहर हजारों कार्यकर्ता TVK के झंडे लहराते नजर आए, जबकि राज्य के कई हिस्सों में समर्थकों ने पटाखे फोड़कर जश्न मनाया।
विजय की राजनीतिक यात्रा को तमिलनाडु की राजनीति के सबसे तेज और नाटकीय उभारों में से एक माना जा रहा है। लंबे समय तक सुपरस्टार के रूप में लोकप्रिय रहे विजय ने हाल के वर्षों में राजनीति में सक्रिय कदम रखा और अपनी पार्टी TVK को चुनावी मैदान में उतारा। पहली ही बड़ी चुनावी परीक्षा में पार्टी ने 234 सदस्यीय विधानसभा में 108 सीटें जीतकर सबसे बड़े दल के रूप में उभरकर सबको चौंका दिया।
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TVK Chief C. Joseph Vijay takes oath as the Chief Minister of Tamil Nadu.
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हालांकि TVK बहुमत के आंकड़े से 10 सीट पीछे रह गई थी। इसके बाद सरकार गठन को लेकर चार दिनों तक गहन राजनीतिक बातचीत चली। कांग्रेस ने सबसे पहले विजय को समर्थन देने का ऐलान किया। बाद में वामपंथी दलों, विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK) और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने भी बिना शर्त समर्थन दिया। इसके बाद विजय ने सरकार बनाने का दावा पेश किया और राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर ने उन्हें सरकार गठन के लिए आमंत्रित किया।
शपथ ग्रहण समारोह राजनीतिक और भावनात्मक दोनों स्तरों पर खास रहा। विजय के माता-पिता समारोह में मौजूद थे और अपने बेटे को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते देख भावुक नजर आए। समारोह में अभिनेत्री तृषा कृष्णन भी शामिल हुईं। नीली सिल्क साड़ी में पहुंचीं तृषा को देखकर स्टेडियम में मौजूद प्रशंसकों ने जोरदार स्वागत किया। विजय और तृषा लंबे समय तक फिल्मों में साथ काम कर चुके हैं और दोनों के बीच के निजी संबंध भी अक्सर चर्चा में रहें है।
इस समारोह में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की मौजूदगी भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। तमिलनाडु में 1967 के बाद पहली बार कांग्रेस किसी सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा बनी है। कांग्रेस सुप्रीमो राहुल गांधी विशेष रूप से इस मौके पर चेन्नई पहुंचे।
विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने से पहले राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर का गर्मजोशी से स्वागत किया। तमिलनाडु में हाल के वर्षों में राज्यपाल और राज्य सरकार के बीच लगातार टकराव देखने को मिला है, ऐसे में विजय का यह व्यवहार राजनीतिक संकेतों के तौर पर देखा जा रहा है।
अब शपथ ग्रहण के बाद अगली बड़ी चुनौती विधानसभा में फ्लोर टेस्ट होगी। संवैधानिक प्रक्रिया के तहत विजय सरकार को सदन में बहुमत साबित करना होगा।
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