केरल विधानसभा चुनाव में शानदार जीत दर्ज करने के बावजूद कांग्रेस मुख्यमंत्री पद के चेहरे को लेकर असमंजस में नजर आ रही है। राज्य की 140 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने 102 सीटों के साथ स्पष्ट बहुमत हासिल किया है, जबकि कांग्रेस अकेले 63 सीटें जीतने में सफल रही। इसके बावजूद मुख्यमंत्री के नाम पर पार्टी के भीतर एकमत नहीं बन पाया है।
कांग्रेस आलाकमान ने वरिष्ठ नेताओं अजय माकन और मुकुल वासनिक को पर्यवेक्षक बनाकर केरल भेजा था, ताकि नव-निर्वाचित विधायकों की राय जानी जा सके। सूत्रों के मुताबिक, विधायक दल की बैठकों और व्यक्तिगत चर्चाओं में नेता प्रतिपक्ष वीडी सतीशन और कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल के नाम सबसे आगे उभरकर सामने आए हैं।हालांकि, अंततः कांग्रेस विधायक दल (CLP) की बैठक में एक प्रस्ताव पारित कर मुख्यमंत्री चुनने का अधिकार पार्टी हाईकमान को सौंप दिया गया। अब अंतिम फैसला दिल्ली स्थित कांग्रेस नेतृत्व करेगा।
इस राजनीतिक हलचल के बीच कांग्रेस सांसद और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर की पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात ने चर्चाओं को और तेज कर दिया है। थरूर ने सोशल मीडिया पर तस्वीर साझा करते हुए लिखा, “एक मजबूत, स्पष्टवादी और अनुभवी दिग्गज के साथ अपने विचार साझा करना हमेशा अच्छा लगता है।”
थरूर ने कहा कि उन्होंने खरगे से केरल की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और पार्टी से जुड़े हालिया घटनाक्रमों पर चर्चा की। हालांकि उन्होंने मुख्यमंत्री पद की दावेदारी को लेकर कोई सीधा संकेत नहीं दिया, लेकिन उनकी मुलाकात को राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।
उधर, कांग्रेस नेता के. मुरलीधरन ने कहा कि आलाकमान राज्य के वरिष्ठ नेताओं से सलाह-मशविरा करने के बाद मुख्यमंत्री पद पर अंतिम फैसला लेगा। उन्होंने बताया कि केंद्रीय पर्यवेक्षक अपनी रिपोर्ट लेकर दिल्ली रवाना हो चुके हैं और जल्द ही पार्टी नेतृत्व को सौंपेंगे। मुरलीधरन ने कहा, “फैसला संभवतः कल तक हो जाएगा और मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा अगले एक-दो दिन में की जा सकती है। आलाकमान का फैसला ही अंतिम होगा।”
Shashi Tharoor meets Mallikarjun Kharge, discusses political developments in Keralam
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— ANI Digital (@ani_digital) May 8, 2026
उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के भीतर फिलहाल अलग-अलग राय हो सकती हैं, लेकिन जैसे ही हाईकमान फैसला लेगा, सभी नेता एकजुट हो जाएंगे। उन्होंने किसी भी तरह की बगावत या टूट की संभावना से इनकार करते हुए कहा कि कांग्रेस पूरी तरह एकजुट है।
इससे पहले कांग्रेस पर्यवेक्षक मुकुल वासनिक ने कहा था कि सभी विधायकों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर पार्टी नेतृत्व को विधायक दल का नेता चुनने का अधिकार दिया है। उन्होंने कहा कि पूरी रिपोर्ट कांग्रेस हाईकमान को सौंपी जाएगी।
केरल में कांग्रेस की इस जीत को पार्टी के लिए बड़ी राजनीतिक वापसी माना जा रहा है, लेकिन मुख्यमंत्री पद को लेकर जारी असमंजस ने नई सियासी अटकलों को जन्म दे दिया है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि कांग्रेस आलाकमान राज्य की कमान किस नेता को सौंपता है।
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