तमिलनाडु में विजय सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार पूरा, IUML और VCK के 2 विधायक बने मंत्री

35 सदस्यीय कैबिनेट पूरी, वित्त मंत्रालय में बड़ा बदलाव; कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर फोकस

तमिलनाडु में विजय सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार पूरा, IUML और VCK के 2 विधायक बने मंत्री

Tamil Nadu's Vijaya government cabinet expansion completes, with two MLAs from the IUML and VCK becoming ministers.

तमिलनाडु में मुख्यमंत्री जोसेफ विजय की सरकार ने अपने मंत्रिमंडल विस्तार को अंतिम रूप दे दिया है। शुक्रवार (22 मई) को इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के विधायक एएम शाहजहां और विदुथलाई चिरुथइगल काची (VCK) के विधायक वन्नी अरसु ने मंत्री पद की शपथ ली। इसके साथ ही राज्य मंत्रिमंडल अब अपनी अधिकतम 35 सदस्यीय सीमा तक पहुंच गया है।

एक दिन पहले ही 23 नए मंत्रियों ने शपथ ली थी, जिनमें कांग्रेस के दो विधायक भी शामिल थे। अब दो और सहयोगी दलों के नेताओं को मंत्रिमंडल में शामिल कर विजय सरकार ने गठबंधन संतुलन को मजबूत करने की कोशिश की है।

मुख्यमंत्री विजय ने अपने पास गृह विभाग, पुलिस, सामान्य प्रशासन, विशेष कार्यक्रम क्रियान्वयन, गरीबी उन्मूलन, ग्रामीण ऋण, युवा कल्याण और शहरी जल आपूर्ति जैसे महत्वपूर्ण विभाग बरकरार रखे हैं। चुनाव प्रचार के दौरान कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा विजय के प्रमुख मुद्दों में शामिल रहे थे, इसलिए गृह विभाग अपने पास रखना राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।

मंत्रिमंडल में सबसे बड़ा बदलाव वित्त विभाग में देखने को मिला है। वरिष्ठ नेता के. ए. सेंगोट्टैयन के पास पहले वित्त मंत्रालय था, लेकिन अब उन्हें राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग सौंपा गया है। वहीं एन. मैरी विल्सन को नया वित्त मंत्री बनाया गया है। कांग्रेस से मंत्रिमंडल में शामिल किए गए दो विधायकों में राजेश कुमार को पर्यटन मंत्रालय दिया गया है, जबकि पी. विश्वनाथन को उच्च शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

नई कैबिनेट में ग्रामीण विकास, सिंचाई, ऊर्जा, कृषि, पर्यावरण, सूचना प्रौद्योगिकी, परिवहन, सामाजिक कल्याण, महिला सशक्तिकरण और एआई जैसे विभागों का भी बंटवारा किया गया है। कुमार आर को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सूचना प्रौद्योगिकी और डिजिटल सेवाओं का मंत्रालय दिया गया है, जिसे राज्य सरकार के तकनीकी और डिजिटल एजेंडे से जोड़कर देखा जा रहा है।

इसके अलावा मोहम्मद फरवास जे को श्रम कल्याण और कौशल विकास विभाग, जबकि विग्नेश के को निषेध और आबकारी विभाग की जिम्मेदारी मिली है। वहीं थेन्नारासु के को प्रवासी तमिल कल्याण मंत्रालय सौंपा गया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विजय सरकार ने मंत्रिमंडल गठन में क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश की है। सहयोगी दलों IUML और VCK को प्रतिनिधित्व देकर सरकार ने गठबंधन को मजबूत संदेश देने का प्रयास किया है।

यह भी पढ़ें:

अदालत को निशाना बनाने वाले पत्रकार सौरव दास और केजरीवाल के खिलाफ अवमानना याचिका

“सुप्रीम कोर्ट के आदेश को तोड़-मरोड़कर पेश कर रही AAP सरकार,कोर्ट ने सामूहिक हत्या की अनुमति नहीं दी”

सहारनपुर में धरना पड़ा भारी: सपा सांसद इकरा हसन पर गंभीर धाराओं में FIR दर्ज

Exit mobile version