जो लोग अपना नाम जुड़वाना चाहते हैं, उनसे फॉर्म 6 के साथ एक डिक्लेरेशन फॉर्म भी भरने के लिए कहा जा रहा है। इस पर कोर्ट ने कहा कि हम 28 अक्टूबर को सुनवाई करेंगे।
वहीं, 13 अक्टूबर को कांग्रेस केरल यूनिट के एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया था। सुप्रीम कोर्ट के एक वकील ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) सूर्यकांत से इस मामले में स्वतः संज्ञान लेकर आपराधिक अवमानना की कार्रवाई शुरू करने की मांग की थी।
दरअसल, केरल कांग्रेस ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट किया था, जिसे बाद में डिलीट कर दिया गया। पोस्ट में लिखा था, “डियर सूर्यकांत, अगर कानून-व्यवस्था संभालना आपके बस की बात नहीं है, तो अभी इस्तीफा दे दें। हम आपकी जगह किसी ऐसे व्यक्ति को ले आएंगे जो इसे संभाल सके।”
इस पोस्ट को लेकर वकील विनीत जिंदल ने सीजेआई को शिकायत दी थी। उन्होंने कहा था कि इस पोस्ट और सुप्रीम कोर्ट परिसर में हुए प्रदर्शन और नारेबाजी की जांच की जानी चाहिए कि क्या यह कानून के तहत कार्रवाई योग्य है।



