राजस्थान: ओएसडी ने गहलोत पर साधा निशाना; कांग्रेस की हार का विश्लेषण!
कांग्रेस में इस हार के पीछे गहरी चिंतन-मनन शुरू हो गई है| खुद अशोक गहलोत के ओएसडी लोकेश शर्मा ने एक्स (ट्विटर) पर एक विस्तृत पोस्ट में गहलोत के प्रदर्शन की आलोचना की है|
Team News Danka
Updated: Mon 04th December 2023, 03:57 PM
"The whole game started from that day", OSD targeted Gehlot; Analysis of Congress's defeat!
देश में चार राज्यों में विधानसभा चुनाव के नतीजे सामने आ गए हैं, जिसमें तीन राज्यों में भाजपा ने कांग्रेस को हरा दिया है| इसलिए कांग्रेस की चुनावी रणनीति और अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव के समीकरणों पर बड़ी चर्चा देखने को मिल रही है| हालांकि कहा जा रहा है कि राजस्थान में सत्ता विरोधी लहर अहम हो गई है, लेकिन ऐसा लगता है कि कांग्रेस में इस हार के पीछे गहरी चिंतन-मनन शुरू हो गई है| खुद अशोक गहलोत के ओएसडी लोकेश शर्मा ने एक्स (ट्विटर) पर एक विस्तृत पोस्ट में गहलोत के प्रदर्शन की आलोचना की है|
राजस्थान में क्या हुआ?: राजस्थान में भाजपा ने 115 सीटों पर जीत हासिल की है और कांग्रेस सिर्फ 69 सीटें जीतने में कामयाब रही है| इसलिए राज्य में कांग्रेस की हार चर्चा का विषय बन गई है| राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष सी.पी.जोशी ने वोट शेयर न बढ़ पाने की वजह बताई तो लोकेश शर्मा ने इस पूरी हार के लिए अकेले अशोक गहलोत को जिम्मेदार ठहराया| उन्होंने रविवार शाम को इस संबंध में सोशल मीडिया पर एक विस्तृत पोस्ट किया है| साथ ही उन्होंने 25 सितंबर की एक घटना का जिक्र करते हुए आरोप लगाया है कि ये सब तभी से शुरू हुआ|
“परिणामों से बिल्कुल भी आश्चर्यचकित नहीं”: लोकतंत्र में जनता पिता होती है और जनादेश सिर होता है। हम इसे विनम्रतापूर्वक स्वीकार करते हैं| मैं इन नतीजों से दुखी जरूर हूं, लेकिन आश्चर्यचकित नहीं हूं। राजस्थान में कांग्रेस पार्टी निश्चित तौर पर परंपरा बदल सकती है,लेकिन अशोक गहलोत कभी भी बदलाव नहीं चाहते थे| इसलिए यह कांग्रेस पार्टी की नहीं बल्कि अशोक गहलोत की हार है| गहलोत के सामने कांग्रेस पार्टी ने उन्हें खुली छूट देते हुए उनके नेतृत्व में चुनाव लड़ा| गहलोत को लगा कि वे हर सीट पर खुद चुनाव लड़ रहे हैं, लेकिन इस चुनाव में न तो उनका अनुभव काम आया और न ही जादू” का जिक्र लोकेश शर्मा ने पोस्ट में किया|
कांग्रेस पर भारी पड़ी गहलोत की मनमानी?: लगातार तीसरी बार गहलोत ने पार्टी को हाशिये पर ला दिया है| उन्होंने आज तक पार्टी से सिर्फ लिया है, लेकिन सत्ता में रहते हुए वह कभी भी पार्टी को सत्ता में वापस नहीं ला सके। पार्टी के आलाकमान को धोखा देना, वास्तविक जानकारी उन तक न पहुंचने देना, कोई अन्य विकल्प न देना, स्वार्थी लोगों के बीच रहकर लगातार गलत एवं अव्यवस्थित निर्णय लेना, सभी प्रकार के पूर्वानुमानों को नजरअंदाज करना, मनमाने ढंग से अपने पसंदीदा को टिकट देने पर जोर देना| उम्मीदवारों की हार स्पष्ट है हालात के कारण हार हुई”, शर्मा ने पोस्ट में यह भी कहा।
यह स्पष्ट था कि ऐसे परिणाम की आवश्यकता होगी। मैंने खुद मुख्यमंत्री को पहले इस बारे में बताया था. कई बार सचेत किया गया। लेकिन वे अपने आस-पास ऐसा कोई व्यक्ति या वकील नहीं चाहते थे जो सच बता सके”, लोकेश शर्मा की पोस्ट में यह भी लिखा गया।
चुनाव लड़ना चाहते थे लोकेश शर्मा: इस बीच लोकेश शर्मा ने कहा है कि वह चुनाव लड़ना चाहते थे| “मैंने छह महीने तक राजस्थान के गांवों की यात्रा की। लोगों से मुलाकात की, हजारों युवाओं से संवाद कार्यक्रम के जरिये चर्चा की| करीब 127 विधानसभा क्षेत्रों की समीक्षा कर मैंने मुख्यमंत्री को विस्तृत रिपोर्ट दी| उनके सामने वास्तविक स्थिति का यथार्थवादी विश्लेषण रखा गया।
ताकि समय रहते उचित कदम उठाया जा सके और पार्टी दोबारा सत्ता में आ सके| मैंने खुद चुनाव लड़ने की इच्छा जताई थी| सबसे पहले बीकानेर का विकल्प दिया गया। लेकिन बाद में मुख्यमंत्री के अनुरोध पर भीलवाड़ा का विकल्प भी दिया गया| हम पिछले 20 वर्षों से इस निर्वाचन क्षेत्र में हार रहे हैं। लेकिन वे कुछ नया नहीं कर सके”, शर्मा ने कहा।
बी.डी. मैंने छह महीने पहले ही कहा था कि कल्ला 20 हजार से ज्यादा वोटों से हारेंगे| यह क्या हुआ। अशोक गहलोत द्वारा फैसले ऐसे लिए गए कि कोई दूसरा विकल्प टिक नहीं सका| 25 सितंबर को जब पार्टी हाईकमान के खिलाफ बगावत कर हाईकमान का अपमान किया गया तो उसी दिन से खेल शुरू हो गया, लोकेश शर्मा ने संकेतात्मक शब्दों में गंभीर दावा किया है|
25 सितंबर को क्या हुआ था?: 25 सितंबर 2022 को राजस्थान कांग्रेस विधायक दल की बैठक में कांग्रेस आलाकमान को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार चुनने की पूरी शक्ति दी गई थी| संभावना जताई जा रही थी कि सचिन पायलट के नाम का ऐलान किया जाएगा, लेकिन बैठक का गहलोत समर्थक विधायकों ने बहिष्कार कर दिया, लेकिन यह बहिष्कार विधायकों ने अनायास नहीं किया, बल्कि खुद गहलोत ने यह सब करवाया, ऐसा शर्मा ने दावा किया है|