सीएम योगी गुरुवार को हरियाणा के सोनीपत जिले में मुरथल स्थित बाबा नागे वाला धाम में आयोजित नाथ संप्रदाय के मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा एवं आठ मान के भव्य भंडारा कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
सीएम ने यह भी कहा कि कई कालनेमि धर्म की आड़ में सनातन धर्म को हानि पहुंचा रहे हैं। इनसे भी सतर्क रहना होगा। एक योगी के लिए, एक संत के लिए, एक सन्यासी के लिए, धर्म व राष्ट्र से बढ़कर कुछ नहीं होता। यही उसके जीवन का ध्येय होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अवैध धर्मांतरण और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को पूरी तरह नियंत्रित किया जाएगा। इसके साथ ही डेमोग्राफी बदलने की जो साजिश हो रही है, लव जिहाद के नाम पर हमारी बेटियों के साथ जो खिलवाड़ किया जा रहा है। हम उसे रोकेंगे, पूरी शक्ति से रोकेंगे, जागरूकता से रोकेंगे। समाज के जागरूक लोगों और पूज्य संतों को भी इसके लिए आगे बढ़ना होगा। परिवारों को सुसंस्कृत किया जाएगा।
सीएम ने कहा कि याद करिए, वर्ष 2009 में केरल के उच्च न्यायालय ने कहा था कि ‘लव जिहाद’ केरल जैसे राज्य को इस्लामी राज्य बनाने की साजिश का हिस्सा है। आज जब मैं देखता हूं तो तमाम राज्यों में बड़े पैमाने पर ये षड्यंत्र हो रहे हैं। हमारी संयुक्त परिवारों की परंपरा पहले संस्कारित होकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती थी, लेकिन धीरे-धीरे यह परंपरा विखंडित होती दिखाई दे रही है। इसे पुनः जीवित करने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि परिवार, संस्कार और सांस्कृतिक चेतना के माध्यम से ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण होगा। धर्म केवल उपासना विधि नहीं, बल्कि अभ्युदय और उत्थान का मार्ग है, जिसमें भौतिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विकास साथ-साथ चलते हैं। धर्मों के संरक्षण के प्रति हमें जागृत होना पड़ेगा। उनकी पवित्रता, मर्यादा को बनाए रखना होगा। सनातन धर्म व आध्यात्मिक विरासत में नाथ पंथ भारत की प्राचीनतम उपासना विधियों में से एक है।
उन्होंने कहा कि नाथ परंपरा ने सदैव समाज को जोड़ने, साथ लेकर आगे बढ़ने और जीवन को सार्थक ढंग से जीने की प्रेरणा दी है। यही कारण है कि वृहत्तर भारत में उत्तर से दक्षिण, पूरब से पश्चिम तक सिद्ध महंतों और योगियों की एक लंबी श्रृंखला दिखाई देती है। उनके मठ, मंदिर और धर्मस्थल सनातन धर्म के मूल्यों के प्रति नाथ पंथ की प्रतिबद्धता को प्रस्तुत करते हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ को साकार होते हुए देख रहा है। यह हमारा सौभाग्य है कि लगभग एक हजार वर्षों तक विदेशी आक्रांताओं का सामना करते हुए गुलामी की जंजीरों को तोड़कर भारत पुनः अपने वैभव की ओर अग्रसर है।
सीएम योगी ने कहा कि धार्मिक, आध्यात्मिक या राजनीतिक नेतृत्व ऐसे हाथों में होना चाहिए, जो देश को नई दिशा दे सकें और विकास की उन ऊंचाइयों तक पहुंचा सकें, जहां भारत डेढ़-दो हजार वर्ष पहले था। बीते 11 वर्षों में भारत ने एक शानदार यात्रा की है।
उन्होंने कहा कि काशी में बाबा विश्वनाथ धाम का कायाकल्प भी इसका जीवंत उदाहरण है। पहले दस श्रद्धालुओं का एक साथ दर्शन कर पाना कठिन था, आज 50 हजार श्रद्धालु एक साथ और प्रतिदिन डेढ़ से दो लाख श्रद्धालु दर्शन कर रहे हैं। अयोध्या धाम में प्रतिदिन डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालु आ रहे हैं। कहीं कोई भय नहीं, कोई अफरातफरी नहीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी विकसित भारत की बात करते हैं, उसे हम सभी को मिलकर पूरा करना होगा। यह तभी साकार होगा जब हरियाणा विकसित होगा, मुरथल विकसित होगा। बाबा नागे वाला धाम में सिद्ध बाबा की प्रेरणा से इस क्षेत्र में नॉनवेज का सेवन नहीं होता, यह आध्यात्मिक ऊर्जा का उदाहरण है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रयागराज में माघ मेला के दौरान मौनी अमावस्या के दिन साढ़े चार करोड़ श्रद्धालु वहां जाकर संगम में आस्था की डुबकी लगाते हैं। हमारे ऋषि मुनियों ने इसके लिए प्रेरित किया। किसी को क्या अधिकार मिल सकता है कि हमारी देवतुल्य नदियों को प्रदूषित करे।
उन्होंने कहा कि राम की मर्यादा, कृष्ण की लीला, शिव की चेतना और प्रयागराज की समरसता संघर्षों से होकर ही सामने आती हैं। यही सनातन धर्म का भाव है। मां गंगा जब 1000 किलोमीटर की यात्रा तय करती हैं, तब प्रयागराज में आती हैं। पत्थरों और पेड़ों को तोड़कर, उनका मुकाबला करते हुए प्रयागराज पहुंचती हैं।
उन्होंने कहा कि याद करिए जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में रामलला की भव्य मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम संपन्न कराया था। इससे पहले 2020 में राम मंदिर के शिलान्यास का कार्यक्रम संपन्न हुआ था। तब से अब तक 45 करोड़ से अधिक श्रद्धालु अयोध्या धाम आ चुके हैं। श्रद्धालुओं की कमी नहीं, कमी हमारे प्रयासों में भी नहीं होनी चाहिए। हर मंदिर को एक धाम के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य होना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हवन एवं आरती की। भगवान गोरक्षनाथ की प्रतिमा भेंटकर उनका स्वागत किया गया। उन्होंने आयोजन के संरक्षक बाबा मत्स्य नाथ धाम के श्री महंत योगी बालकनाथ महाराज और संयोजक व आयोजक बाबा नागेवाले धाम के महंत बालयोगी मसारनाथ महाराज को इस सफल आयोजन के लिए धन्यवाद दिया।
बाबा नागे वाला धाम में सिद्ध योगी श्रीश्री 1008 महंत काले बाबा नाथ, योगी बजीरनाथ, और योगी प्रेम नाथ की मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा एवं आठ मान भंडारा कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नाथ सम्प्रदाय के संत उपस्थित रहे।
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