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Monday, June 8, 2026
होमक्राईमनामाबच्चे की पिटाई, सियासत गरमाई, पिता की ना-ना, वोट की फसल लहलहाई! 

बच्चे की पिटाई, सियासत गरमाई, पिता की ना-ना, वोट की फसल लहलहाई! 

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में छात्रों द्वारा एक बच्चे को पिटवाने का मामला राजनीति रंग ले चुका है।           

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उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में एक प्राइवेट स्कूल में छात्रों द्वारा एक बच्चे को पिटवाने का वीडियो वायरल हो गया है। जिस पर विपक्ष के नेताओं ने सियासी चश्मा से हिन्दू मुस्लिम बना दिया। जबकि, पीड़ित के पिता का कहना है कि इस मामले को हिन्दू मुस्लिम  के चश्मे नहीं देखना  चाहिए। अब यह मामला राजनीति हो चुका है।वहीं टीचर के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है। राजनीति दल धार्मिक एंगल खोज बीजेपी को टारगेट कर रहे हैं।

पीड़ित छात्र के पिता की शिकायत पर मंसूरपुर थाने में आरोपी टीचर के खिलाफ केस दर्ज किया गया है वीडियों में देखा जा सकता है कि एक महिला टीचर बाकी बच्चों से पीटवा रही है। वहीं इस दौरान महिला टीचर एक धर्म विशेष पर भी टिप्पणी करती है। महिला टीचर ने धार्मिक एंगल से बच्चे की पिटाई कराने के आरोप को नकार दिया है। महिला टीचर तृप्ति का कहना है कि बच्चे के पिता स्कूल में पीटते हुए लाये थे। उस समय उन्होंने कहा था कि ,यह काम नहीं करता है। इसे ठीक करें।
महिला टीचर आगे कहती है कि,मै विकलांग हूं,इसलिए उठ नहीं सकती हूं, इसलिए बच्चों से पिटवाया। मैंने कहा कि मुस्लिम मां बच्चों को लेकर मामा के पास न जाएं। इससे पढ़ाई का नुकसान होता है। उन्होंने कहा कि वीडियो एडिट किया गया है। मुझे बच्चों से नहीं पिटवाना चाहिए था। यह मेरी गलती है। मेरा सांप्रदायिक भेदभाव का कोई  इरादा नहीं है।
वहीं पीड़ित बच्चे ने कहा कि एक दो गलती निकल गई और पहाड़ा याद नहीं किया था.इसलिए मैडम ने मुझे पिटवाया। इस संबंध में पीड़ित बच्चे के पिता का कहना है कि हिन्दू मुस्लिम करके गांव का माहौल कखराब नहीं करना है। उन्होंने कहा कि मैंने अपने बच्चे की शिकायत टीचर से की थी। लेकिन बच्चों से पिटवाने के लिए नहीं कहा था। पीड़ित के पिता ने कहा कि स्कूल के बाहर आने के बाद भी कुछ छात्रों ने उससे मारा।
वीडियो बनाने वाले शख्स नदीम ने कहा कि स्कूल मै कुछ काम से गया था। जहां देखा कि उसके भतीजे को कुछ छात्र मार रहे हैं। गुस्सा तो बहुत आया। लेकिन चुपचाप वीडियो बनाने लगा। इसे साम्प्रदायिक रंग न दिया जाए। कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खडगे ने  इस मामले  सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि यह बीजेपी और आरएसएस की नफरत की राजनीति परिणाम है। बच्चे को टीचर ने धार्मिक भेदभाव कर  बच्चों से पिटवाया। ऐसी छवि  वैश्विक छवि को नुकसान पहुंचाती है ,यह संविधान के खिलाफ है। वहीं राहुल गांधी ने इसे बीजेपी का केरोसिन बताया है।
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