24 C
Mumbai
Sunday, January 18, 2026
होमदेश दुनियावक्फ विधेयक: कांग्रेस ने कहा, खामियां है, मूल सार से छेड़छाड़ न...

वक्फ विधेयक: कांग्रेस ने कहा, खामियां है, मूल सार से छेड़छाड़ न करें!

कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने कहा, "इसका विरोध तो होगा ही। मैं बार-बार कहता रहा हूं कि वक्फ संबंधी विधेयक में बदलाव की जरूरत नहीं थी।

Google News Follow

Related

संसद के दोनों सदनों से वक्फ (संशोधन) विधेयक के पास होने के बाद भी विपक्षी दलों का विरोध जारी है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता संदीप दीक्षित ने कहा कि वक्फ संबंधी विधेयक में बदलाव की जरूरत नहीं थी। कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने कहा, “इसका विरोध तो होगा ही। मैं बार-बार कहता रहा हूं कि वक्फ संबंधी विधेयक में बदलाव की जरूरत नहीं थी। हालांकि, इसके ढांचे में कुछ खामियां थीं और हां, जमीन का दुरुपयोग भी हुआ, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप इसके मूल सार से छेड़छाड़ करें।

ये कोई सरकार की जमीन नहीं है बल्कि कोई भी मुसलमान धार्मिक कार्यों के लिए अपनी जमीन देता है और उसी के प्रबंधन के लिए ही बोर्ड बनाया गया है। अगर सरकार को लगता है कि बोर्ड के काम सही नहीं हैं तो उसमें सुधार किया जा सकता है।”

उन्होंने आगे कहा, “मुस्लिम समुदाय बार-बार यही सवाल पूछ रहा है कि जिसकी जमीनें हैं, अगर उन्हें कोई दिक्कत नहीं है तो सरकार को इससे परेशानी क्यों है। जेपीसी बनाने के बावजूद अगर वे (सरकार) मुस्लिम समाज को नहीं समझा पाए हैं तो ये किसान आंदोलन जैसा बिल हो गया। जिस तरह से इस सरकार को किसानों का वोट नहीं मिल रहा था, उसी तरह से उन्हें मुसलमानों का भी वोट नहीं मिल रहा है। सरकार कहती है कि वे किसी कारण से किसान बिल लेकर आए थे, मगर जब विरोध हुआ तो किसान बिल को वापस ले लिया।”

कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद की तरफ से वक्फ (संशोधन विधेयक) को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दिए जाने पर संदीप दीक्षित ने कहा, “अदालत जाना हर व्यक्ति का अधिकार है और अगर आपको लगता है कि कोई कानून गलत तरीके से बनाया गया है, जैसा कि कई लोग अक्सर करते हैं, तो कोई दूसरा रास्ता नहीं है। आपको सुप्रीम कोर्ट या जो भी उचित अदालत हो, उसका दरवाजा खटखटाना चाहिए।”

शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग पर कांग्रेस नेता ने कहा, “शेख हसीना बांग्लादेश की चुनी हुई प्रधानमंत्री थीं, लेकिन ऐसा कहा गया कि उन्होंने चुनाव के दौरान गड़बड़ियां की थीं। मगर ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है। वहां के विद्यार्थियों ने एक चुनी हुई सरकार को पलट दिया, लेकिन जो भी घटनाक्रम बांग्लादेश में हुआ है, वो एक बड़ा सवाल है।

उन्हें न्याय मिलेगा या नहीं इसे लेकर भारत सरकार फिक्रमंद है। वो कोई अपराधी नहीं हैं और न ही उन्होंने कोई हत्या की है। ऐसी दशा में भारत सरकार को यह सुनिश्चित करना है कि अगर किसी शरण लिए हुए व्यक्ति को उसके देश बुलाया जा रहा है तो उसे वहां न्याय मिले।”
 
यह भी पढ़ें-

महाराष्ट्र: डरी ‘बुक माई शो’ ने आर्टिस्ट्स सूचि से बाहर किये कामरा के नाम!

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

The reCAPTCHA verification period has expired. Please reload the page.

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

151,405फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
287,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें