अर्जुन राम मेघवाल ने कहा, “राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के 33वें स्थापना दिवस के मौके पर पूरे देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से हमारे सफाई कर्मचारी, जो समाज का नेतृत्व करते हैं और जो संगठन चलाते हैं, वे आज यहां इकट्ठा हुए हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि यहां पर सफाई कर्मचारियों से जुड़े जो मांग पत्र मिले हैं, उनका संकलन करने को कहा गया है। अलग-अलग मंत्रालयों से इस पर टिप्पणी मंगाकर और एक बार विधि मंत्रालय में बैठकर उनकी समस्याओं को हल करने का प्रयास किया जाएगा।
एक बड़ी पहल का जिक्र करते हुए अर्जुन राम मेघवाल ने कहा, “वाल्मीकि समाज से जुड़े कई ऐसे गुमनाम नायक हैं जो अलग-अलग क्षेत्रों में रहे हैं और अनसंग हीरो बने रहे हैं। उन्हें पहचानने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू किया गया है।
वहीं, रामदास अठावले ने कहा, “आज राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग का स्थापना दिवस यहां मनाने का फैसला लिया गया… क्योंकि वे सफाई कर्मचारी हैं, इसलिए हम जिंदा हैं, क्योंकि वे सफाई कर्मचारी हैं, इसलिए हम जीते हैं।
इस समारोह में देशभर से आए सफाई कर्मचारियों ने अपनी मांगें रखीं। सरकार ने भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से देखा जाएगा और संबंधित मंत्रालयों के साथ मिलकर समाधान निकाला जाएगा।



