27.8 C
Mumbai
Tuesday, November 3, 2026
होमराजनीतिजिनपिंग भारत आने से पहले चीन का बड़ा बयान

जिनपिंग भारत आने से पहले चीन का बड़ा बयान

दोस्ती की भावना को बढावा

Google News Follow

चीन के प्रेसिडेंट शी जिनपिंग BRICS समिट में शामिल होने के लिए भारत के लिए रवाना हो गए हैं। उनके दिल्ली पहुंचने से पहले चीन ने भारत के साथ रिश्तों पर बड़ा बयान दिया है। चीन ने कहा है, “दोनों देशों को अपने मतभेदों को ठीक से सुलझाना चाहिए और अच्छे पड़ोसी और दोस्त होने की भावना के साथ आगे बढ़ना चाहिए।”

इसने बातचीत बढ़ाने पर भी जोर दिया है। PM मोदी और शी जिनपिंग की मीटिंग से पहले आए इस बयान ने सबका ध्यान खींचा है। भारत में चीन के एम्बेसडर जू फेइहोंग ने कहा कि “बीजिंग और नई दिल्ली दोनों नेताओं के बीच बाइलेटरल मीटिंग की तैयारी कर रहे हैं। चीन भारत के साथ लंबे समय के नजरिए से रिश्ते बनाना चाहता है। इसके लिए बातचीत बढ़ाने और कोऑपरेशन को मजबूत करने की जरूरत है।” चीन ने कहा है कि दोनों देशों को एक-दूसरे का अच्छा पड़ोसी बनना चाहिए और ऐसे पार्टनर के तौर पर आगे बढ़ना चाहिए जो एक-दूसरे को सफल होने में मदद करें।

जू फेइहोंग ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि, चीन दोनों नेताओं की स्ट्रेटेजिक सोच के हिसाब से भारत के साथ काम करेगा। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि दोनों देशों को एक-दूसरे से बातचीत बढ़ानी चाहिए। सहयोग के नए तरीके खोजने चाहिए। मतभेदों के मुद्दों को ठीक से हैंडल करना चाहिए। चीन जो कहना चाहता है, वह यह है कि दोनों देश कुछ मुद्दों पर असहमत हो सकते हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि बातचीत बंद कर दी जाए। बीजिंग भारत-चीन संबंधों को लंबे समय के नज़रिए से देखना चाहता है।

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने क्या कहा?

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने भी भारत के बारे में यही कहा। “चीन भारत के साथ बातचीत बढ़ाने के लिए तैयार है। दोनों देशों को अपने संबंधों को स्ट्रेटेजिक और लंबे समय के नज़रिए से देखना चाहिए।” माओ निंग ने यह भी कहा कि दोनों देशों को मतभेदों को ठीक से हैंडल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत और चीन अच्छे पड़ोसी हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देश पार्टनर हैं जो एक-दूसरे को सफल होने में मदद करते हैं।

जिनपिंग पिछली बार भारत कब आए थे?

शी जिनपिंग शनिवार को दिल्ली आएंगे। वह 18वें BRICS समिट में शामिल होने आ रहे हैं। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ दो-तरफ़ा बातचीत करेंगे। जिनपिंग लगभग सात साल बाद भारत आ रहे हैं। इससे पहले 2019 में जिनपिंग चेन्नई के महाबलीपुरम में मोदी के साथ एक अनौपचारिक बैठक में शामिल होने के लिए भारत आए थे।

यह भी पढ़ें-

National Stock Exchange

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Star Housing Finance Limited
[td_block_social_counter open_in_new_window="y" style="style6 td-social-boxed" block_template_id="td_block_template_9" border_color="#fbd54a" f_header_font_size="26" f_header_font_weight="700" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXRvcCI6IjAiLCJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiMzAiLCJwYWRkaW5nLXRvcCI6IjAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn19" custom_title="हमें फॉलो करें" facebook="NewsDankaHindi" twitter="NewsDanka" youtube="channel/UCqtL0xCsgAmB3XXrh9nln2Q" manual_count_twitter="526" f_header_font_family="668"]

अन्य लेटेस्ट खबरें