उत्तर प्रदेश में अचानक बदले मौसम ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई जिलों में आई आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। हालात की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल प्रभाव से प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य तेज करने और किसानों को मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को आदेश दिया है कि वे क्षेत्र का दौरा कर फसल नुकसान का मौके पर सर्वे कराएं और 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट शासन को भेजें, ताकि अन्नदाता किसानों को समय पर आर्थिक मदद मिल सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि 33% से अधिक फसल नुकसान की स्थिति में पीड़ित किसानों को राजस्व विभाग व बीमा कंपनियों के माध्यम से मुआवजा दिया जाएगा।
मंडियों में सुरक्षा और राहत व्यवस्था को प्राथमिकता
सीएम योगी ने यह भी कहा कि चालू गेहूं खरीद सीजन को देखते हुए मंडियों और क्रय केंद्रों पर भंडारण व्यवस्था मजबूत की जाए, ताकि बारिश या आंधी से अनाज को नुकसान न पहुंचे। वहीं, जिन इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी है, वहां तत्काल जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
घायलों के इलाज और जान-माल के नुकसान पर तत्काल राहत
यदि किसी क्षेत्र में जनहानि, पशुहानि या मकानों को नुकसान हुआ है, तो तत्काल राहत राशि जारी की जाए और घायलों को समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चेताया कि अगर राहत कार्यों में लापरवाही पाई गई तो जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रदेश में इससे पहले भी 9 अप्रैल को तेज आंधी और बारिश ने कई जिलों को प्रभावित किया था। अब दोबारा मौसम के बदले मिजाज से नुकसान गहराया है। योगी सरकार ने साफ कर दिया है कि किसानों की हर संभव मदद करना उसकी प्राथमिकता है।
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