वाईएस जगन रेड्डी की गाड़ी से पार्टी कार्यकर्ता कुचलने के बाद, ड्राइवर और चार अन्य समेत एफआईआर!

वाहन में जगन मोहन रेड्डी सवार थे, उसके पहिए सिंगैया की गर्दन के ऊपर से गुजर गए। वाहन न तो रुका और न ही किसी ने सहायता की।

वाईएस जगन रेड्डी की गाड़ी से पार्टी कार्यकर्ता कुचलने के बाद, ड्राइवर और चार अन्य समेत एफआईआर!

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आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी समेत उनके ड्राइवर और चार अन्य के खिलाफ रविवार (22 जून) को पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। बुधवार (18 जून) को गुंटूर जिले के बाहरी इलाके में जगन के काफिले के नीचे पार्टी कार्यकर्ता कुचल गया था, इसी मामले में एफआईआर दर्ज की गई है ।

मृतक की पहचान वेंगलायपालेम गांव निवासी 54 वर्षीय चीली सिंगैया के रूप में हुई है, जो वाईएसआरसीपी का समर्थक था। जानकारी के अनुसार, सिंगैया सतनपल्ली मंडल के रेंटपल्ली गांव में एक प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम में भाग लेने जा रहे पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी का स्वागत करने के लिए एतुकुरु गांव के पास जमा हुए लोगों में शामिल था।

घटनास्थल पर मौजूद चश्मदीदों और सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के अनुसार, सिंगैया ने काफिले पर फूल बरसाने की कोशिश की थी, तभी वह फिसलकर चलती गाड़ी के नीचे आ गया। बताया जा रहा है कि जिस वाहन में जगन मोहन रेड्डी सवार थे, उसके पहिए सिंगैया की गर्दन के ऊपर से गुजर गए। वाहन न तो रुका और न ही किसी ने सहायता की।

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने घायल सिंगैया को तुरंत गुंटूर के सरकारी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, गुंटूर के एसपी सतीश कुमार ने रविवार को पुष्टि की कि पुलिस के पास इस बात के ठोस सबूत हैं कि सिंगैया को जगन के काफिले की गाड़ी ने कुचला था। एसपी ने यह भी कहा कि दुर्घटना के बावजूद काफिला नहीं रुका, जिससे लापरवाही के गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

इस मामले में जगन मोहन रेड्डी, उनके ड्राइवर रामना रेड्डी, पूर्व सांसद वाई.वी. सुब्बा रेड्डी, पूर्व मंत्री विद्दादाला राजनी और पूर्व मंत्री पर्नी नानी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। ड्राइवर रामना रेड्डी को हिरासत में ले लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है।

पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इतने बड़े हादसे के बावजूद काफिला क्यों नहीं रुका और क्या हादसे को रोकने की कोई कोशिश की गई थी। घटना के बाद वाईएसआरसीपी के स्थानीय समर्थकों और विपक्षी दलों में आक्रोश देखा जा रहा है। यह हादसा जहां सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर रहा है, वहीं राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है। मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इससे जुड़ी और भी जानकारियां सामने आ सकती हैं।

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