अभिनेता प्रकाश राज अपने विवादित बयानों के कारण अक्सर चर्चा में रहते हैं। इस बार उन्होंने रामायण की एक कहानी सुनाई, जिसके चलते उनकी कड़ी आलोचना हो रही है। उनके इस बयान के बाद उनके खिलाफ आपराधिक शिकायत भी दर्ज की गई है। एक कार्यक्रम में रामायण का संदर्भ देते हुए उन्होंने कहा कि राम और लक्ष्मण ने रावण के बगीचे से फल चुराए थे।
प्रकाश राज का एक वीडियो इस समय तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह अपना पक्ष रखने के लिए रामायण का उदाहरण देते नजर आ रहे हैं। अपनी बताई कहानी में उन्होंने कहा, “राम, लक्ष्मण और सीता दक्षिण की ओर जा रहे थे। तब लक्ष्मण ने कहा, राम! हम कितने भाग्यशाली हैं, वह जंगल देखिए। राम ने कहा, नहीं, यह किसी का खेत है। लक्ष्मण ने पूछा, वहां फल हैं, क्या हम खा सकते हैं? राम ने कहा, हां। लक्ष्मण ने पूछा, लेकिन यह चोरी नहीं होगी? राम ने कहा, नहीं! अगर तुम्हें भूख लगी है, तो तुम खा सकते हो। जब वे फल खाने लगे, तब शूर्पणखा और रावण वहां आए। शूर्पणखा को गुस्सा आया और उसने कहा, भैया, ये लोग फल खा रहे हैं। रावण ने जवाब दिया, वे भूखे हैं, उन्हें खाने दो, हम बाद में बात करेंगे। राम लक्ष्मण से कहते हैं, कुछ आदिवासी (रावण और शूर्पणखा) आए हैं। इस पर रावण ने कहा, नहीं! हम मालिक हैं।”
कहानी को आगे बढ़ाते हुए प्रकाश राज ने जीएसटी और उत्तर-दक्षिण विवाद का मुद्दा भी जोड़ा। उन्होंने कहा, “राम ने कहा, हमने फल खाए हैं, इसलिए हम आपको पैसे भी देंगे। इस पर शूर्पणखा ने हिसाब लगाकर कहा, जीएसटी सहित 2000 डॉलर हो गए हैं। राम और लक्ष्मण ने कहा, हमारे पास पैसे नहीं हैं। तब रावण ने उन्हें 20% की छूट दी, लेकिन फिर भी उन्होंने कहा कि उनके पास पैसे नहीं हैं। इस पर रावण ने कहा, अगर छूट के बाद भी पैसे नहीं हैं, तो यहीं काम करो। जो फल खाए हैं, उनके बीज लगाओ, पेड़ तैयार करो और फिर जाओ।”
अपनी ‘रामायण’ की इस व्याख्या के जरिए प्रकाश राज उत्तर-दक्षिण विवाद पर टिप्पणी कर रहे थे। उन्होंने उत्तर भारत से दक्षिण भारत आने वाले लोगों से उन पर हिंदी न थोपने की अपील की। उन्होंने कहा, “बैंक मैनेजर बनकर हमें गोमांस खाने से मत रोकिए। हम तो गोमांस महोत्सव भी आयोजित करेंगे।”
अब इस वीडियो को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। नाराज लोगों ने उन्हें ‘वाराणसी’ फिल्म से हटाने की मांग की है। खास बात यह है कि इस फिल्म में प्रकाश राज एक शिवभक्त की भूमिका निभाने वाले हैं। एक व्यक्ति ने कहा कि अपनी संस्कृति के सम्मान की बात करते हुए उन्होंने हमारी संस्कृति का अपमान किया है। वहीं कुछ लोगों ने उन पर उत्तर और दक्षिण भारत के बीच विभाजन पैदा करने का आरोप भी लगाया है।
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